{"_id":"5b981689867a55012c35025a","slug":"191536693897-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने घोटाले का आरोप लगा पराग डेरी कार्यालय पर जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने घोटाले का आरोप लगा पराग डेरी कार्यालय पर जड़ा ताला
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों ने घोटाले का आरोप लगा पराग डेयरी कार्यालय पर जड़ा ताला
बिजनौर। भाकियू के बैनर तले किसानों ने पराग डेयरी में दूध लाने ले जाने में हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए पराग डेयरी कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। किसानों ने कहा कि सालों से डेरी में घोटाला किया जा रहा है। किसान डेरी परिसर में ही धरना देकर बैठ गए।
मंगलवार को किसान करीब 1 बजे पराग डेरी पहुंचे और कार्यालय की तालाबंदी कर दी। किसान कार्यालय के सामने ही धरना देकर बैठ गए। कहा कि डेयरी वाले अपनी मर्जी से दूध की गाड़ियां लगाते हैं। गाड़ी वाले रास्ते में दूध निकाल लेते हैं और पानी डाल देते हैं। इससे डेरी पर दूध का फेट कम आता है और किसान को दूध की सही कीमत नहीं मिल पाती है। कहा कि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी इस घोटाले में लिप्त हैं। इनकी शह पर ही यह सारा खेल चल रहा है। कहा कि संघ के कर्मचारी अपनी मर्जी से दुग्ध समिति भी संचालित करते हैं। किसानों के अनुसार गाड़ियों के किलोमीटर रजिस्टर में भी तमाम खामियां हैं। किसानों ने नारेबाजी करते हुए ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की मांग की। इस दौरान मंडल महासचिव अतुल कुमार, संदीप त्यागी, कुलदीप सिंह, निरंकार सिंह, रमेश कुमार आदि किसान मौजूद रहे। किसानों ने इस संबंध में वार्ता के लिए मुरादाबाद मंडल के जीएम एसआर राणा को बुलाया है।
विज्ञापन
बिजनौर। भाकियू के बैनर तले किसानों ने पराग डेयरी में दूध लाने ले जाने में हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए पराग डेयरी कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। किसानों ने कहा कि सालों से डेरी में घोटाला किया जा रहा है। किसान डेरी परिसर में ही धरना देकर बैठ गए।
मंगलवार को किसान करीब 1 बजे पराग डेरी पहुंचे और कार्यालय की तालाबंदी कर दी। किसान कार्यालय के सामने ही धरना देकर बैठ गए। कहा कि डेयरी वाले अपनी मर्जी से दूध की गाड़ियां लगाते हैं। गाड़ी वाले रास्ते में दूध निकाल लेते हैं और पानी डाल देते हैं। इससे डेरी पर दूध का फेट कम आता है और किसान को दूध की सही कीमत नहीं मिल पाती है। कहा कि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी इस घोटाले में लिप्त हैं। इनकी शह पर ही यह सारा खेल चल रहा है। कहा कि संघ के कर्मचारी अपनी मर्जी से दुग्ध समिति भी संचालित करते हैं। किसानों के अनुसार गाड़ियों के किलोमीटर रजिस्टर में भी तमाम खामियां हैं। किसानों ने नारेबाजी करते हुए ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की मांग की। इस दौरान मंडल महासचिव अतुल कुमार, संदीप त्यागी, कुलदीप सिंह, निरंकार सिंह, रमेश कुमार आदि किसान मौजूद रहे। किसानों ने इस संबंध में वार्ता के लिए मुरादाबाद मंडल के जीएम एसआर राणा को बुलाया है।
विज्ञापन