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खांडसारी उत्पादक संघ की प्रांतीय बैठक
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:28 AM IST
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मांग पूरी होने तक क्रेशर इकाईयों का ठप रहेगा संचालन
नजीबाबाद, 4 सितंबर
खांडसारी उत्पादक संघ की प्रांतीय बैठक में सरकार की गुड़ उद्योग नीतियों पर चर्चा हुई। खांडसारी उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने निर्णय लिया जब तक मंडी शुल्क पूर्णत: समाप्त नहीं हो जाती तब तक क्रेशर इकाईयों का संचालन ठप रहेगा।
खांडसारी उत्पादक संघ की प्रांतीय बैठक में प्रदेश भर से आए खांडसारी उद्योग से जुड़े क्रेशर स्वामियों ने भाग लिया। प्रांतीय अध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह, प्रांतीय महासचिव पुष्पेंद्र कुमार, नजीबाबाद व किरतपुर के शाखा अध्यक्षों आशेंद्र सिंघल और अरुण अग्रवाल ने सरकार द्वारा गुड़ उद्योग को दी जा रही रियायतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खांडसारी लाइसेंसिंग आर्डर 1967 के अनुसार गुड़ बनाने वाली इकाई पूर्णत: मुक्त रखी गई हैं। क्रेशर स्वामियों ने सरकार द्वारा तीन वर्ष के लिए दी गई मंडी समाधान योजना को स्वीकार न करने का निर्णय लिया। क्रेशर स्वामियों ने एक मत होते हुए निर्णय लिया कि जब तक मंडी शुल्क पूर्णत: गुड़ उद्योग से समाप्त नहीं हो जाती, तब तक क्रेशर स्वामी आगामी पेराई सत्र में क्रेशरों का संचालन पूर्णत: ठप रखेंगे। वालिया रेजीडेंसी में आयोजित प्रांतीय बैठक में नरेश अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, राजुल रंधर, अवनीश अग्रवाल, विकास रस्तोगी सहित प्रदेश भर से आए 60 से अधिक क्रेशर स्वामियों ने भाग लेकर सरकार की खांडसारी और गुड़ नीतियों की आलोचना की।
कारोबारियों ने चिंता जताई
उधर, खांडसारी कारोबारियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लेबर एक्ट, प्रोविडेंट फंड से क्रेशर उद्योग के बंदी की कगार पर पहुंचने पर चिंता व्यक्त की। कारोबारियों ने कहा कि जब तक क्रेशर उद्योग को लेबर एक्ट, प्रोविडेंट फंड आदि से मुक्त नहीं किया जाता तब तक उद्योग पर छाया संकट दूर नहीं होगा।
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नजीबाबाद, 4 सितंबर
खांडसारी उत्पादक संघ की प्रांतीय बैठक में सरकार की गुड़ उद्योग नीतियों पर चर्चा हुई। खांडसारी उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने निर्णय लिया जब तक मंडी शुल्क पूर्णत: समाप्त नहीं हो जाती तब तक क्रेशर इकाईयों का संचालन ठप रहेगा।
खांडसारी उत्पादक संघ की प्रांतीय बैठक में प्रदेश भर से आए खांडसारी उद्योग से जुड़े क्रेशर स्वामियों ने भाग लिया। प्रांतीय अध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह, प्रांतीय महासचिव पुष्पेंद्र कुमार, नजीबाबाद व किरतपुर के शाखा अध्यक्षों आशेंद्र सिंघल और अरुण अग्रवाल ने सरकार द्वारा गुड़ उद्योग को दी जा रही रियायतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खांडसारी लाइसेंसिंग आर्डर 1967 के अनुसार गुड़ बनाने वाली इकाई पूर्णत: मुक्त रखी गई हैं। क्रेशर स्वामियों ने सरकार द्वारा तीन वर्ष के लिए दी गई मंडी समाधान योजना को स्वीकार न करने का निर्णय लिया। क्रेशर स्वामियों ने एक मत होते हुए निर्णय लिया कि जब तक मंडी शुल्क पूर्णत: गुड़ उद्योग से समाप्त नहीं हो जाती, तब तक क्रेशर स्वामी आगामी पेराई सत्र में क्रेशरों का संचालन पूर्णत: ठप रखेंगे। वालिया रेजीडेंसी में आयोजित प्रांतीय बैठक में नरेश अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, राजुल रंधर, अवनीश अग्रवाल, विकास रस्तोगी सहित प्रदेश भर से आए 60 से अधिक क्रेशर स्वामियों ने भाग लेकर सरकार की खांडसारी और गुड़ नीतियों की आलोचना की।
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कारोबारियों ने चिंता जताई
उधर, खांडसारी कारोबारियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लेबर एक्ट, प्रोविडेंट फंड से क्रेशर उद्योग के बंदी की कगार पर पहुंचने पर चिंता व्यक्त की। कारोबारियों ने कहा कि जब तक क्रेशर उद्योग को लेबर एक्ट, प्रोविडेंट फंड आदि से मुक्त नहीं किया जाता तब तक उद्योग पर छाया संकट दूर नहीं होगा।
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