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महिला बंदी की नवजात बेटी का जेल में स्वागत
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:40 AM IST
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नवजात बेटी का जेल में स्वागत
बिजनौर। जिला कारागार में मासूम बच्ची के जन्म से कैदियों में खुशी का माहौल है। महिला बंदियों ने जेल में ढोलक की थाप पर गीत-संगीत कार्यक्रम आयोजित कर बच्ची का स्वागत किया। जेलर आकाश शर्मा ने इका नाम इशिता रखा है। मां-बेटी के स्वास्थ्य का जिला कारागार में पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
थाना मंडावली के गांव श्यामीवाला निवासी हेमलता अपने पति राजकुमार की हत्या के अपराध में जिला कारागार में बंद है। जिस समय हेमलता को जेल भेजा गया था वह गर्भवती थी। हेमलता ने पांच जून को जिला अस्पताल में बड़े आपरेशन के बाद एक बच्ची को जन्म दिया था। 12 जून को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद हेमलता और उसकी नवजात को जिला कारागार वापस लाया गया। वहां बंदियों ने हेमलता की नवजात बच्ची का जोरदार स्वागत किया। जैसे किसी परिवार में बेटे के पैदा होने पर खुशी मनाई जाती है, हेमलता के बेटी होने की भी ऐसी ही खुशी मनाई गई। बुधवार को जेलर आकाश शर्मा ने नवजात बच्ची का विधि विधान से नामकरण संस्कार कराया और उसका नाम इशिता रखा। जेल का स्टाफ व बंदी इशिता के आने पर बहुत खुश हैं और उसे अपनी गोद में खिलाते रहते हैं। जेलर आकाश शर्मा ने बताया कि इशिता व उसकी मां हेमलता के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। दोनों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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बिजनौर। जिला कारागार में मासूम बच्ची के जन्म से कैदियों में खुशी का माहौल है। महिला बंदियों ने जेल में ढोलक की थाप पर गीत-संगीत कार्यक्रम आयोजित कर बच्ची का स्वागत किया। जेलर आकाश शर्मा ने इका नाम इशिता रखा है। मां-बेटी के स्वास्थ्य का जिला कारागार में पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
थाना मंडावली के गांव श्यामीवाला निवासी हेमलता अपने पति राजकुमार की हत्या के अपराध में जिला कारागार में बंद है। जिस समय हेमलता को जेल भेजा गया था वह गर्भवती थी। हेमलता ने पांच जून को जिला अस्पताल में बड़े आपरेशन के बाद एक बच्ची को जन्म दिया था। 12 जून को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद हेमलता और उसकी नवजात को जिला कारागार वापस लाया गया। वहां बंदियों ने हेमलता की नवजात बच्ची का जोरदार स्वागत किया। जैसे किसी परिवार में बेटे के पैदा होने पर खुशी मनाई जाती है, हेमलता के बेटी होने की भी ऐसी ही खुशी मनाई गई। बुधवार को जेलर आकाश शर्मा ने नवजात बच्ची का विधि विधान से नामकरण संस्कार कराया और उसका नाम इशिता रखा। जेल का स्टाफ व बंदी इशिता के आने पर बहुत खुश हैं और उसे अपनी गोद में खिलाते रहते हैं। जेलर आकाश शर्मा ने बताया कि इशिता व उसकी मां हेमलता के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। दोनों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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