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अल्लाह और अल्लाह के घरों को भूलने वाला सच्चा मुसलमान नहीं: मोलाना शौकत
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:18 AM IST
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अल्लाह को भूलने वाला मुसलमान नहीं : शौकत
शेरकोट। नगर में आयोजित दो दिवसीय तब्लीगी इज्तमा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को जायरीनों ने देश की खुशहाली, अमनोअमान, आपसी भाईचारे के लिए दुआ की। दिल्ली से आए मौलाना शौकत अली ने कहा कि इज्तमा का मकसद भूले हुए लोगों को सही राह दिखाना है।
चुंगी नंबर पांच के निकट खाली पड़े करीब 700 बीघा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अल्लाह एक है, मस्जिद अल्लाह का घर है। उन्होंने कहा कि अल्लाह और अल्लाह के घरों को भूलने वाला सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। मौलाना मेहंदी हसन लखनऊवीं ने कहा कि नमाज फर्ज है। खुद, अपने रिश्तेदारों को दीन पर चलाने की कोशिश करें। मौलाना नौशाद ने कहा कि सभी धर्म के लोगों को मिलजुलकर रहना चाहिए। उन्होंने अच्छाइयों के मार्ग पर चल कर बुराइयों को त्यागने का संदेश दिया। पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान, पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शेख कमरूल इस्लाम, शहर इमाम मौलाना रफीक अहमद, मौलाना उवैदुर्रहमान, शादब अहमद पप्पू, नफीस खन्ना, गुफरान शेख, नसीम राणा, अफसर चौधरी, जिया अहमद सेठू, नासिर प्रधान, मोहम्मद कमाल, सुहेल, दानिश, शाकिब, इरशाद कुरैशी, अजीम कुरैशी आदि मौजूद रहे।
हाईवे 74 पर जाम ही जाम
शेरकोट में चल रहे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार सवेरे से जायरीन वाहनों से कूच करने लगे थे। जिससे दिन भर हाईवे 74 पर यातायात बाधित रहा। घंटों तक लोग जाम में फंसे रहे। धामपुर से लेकर अफजलगढ़ तक हाईवे 74 पर जाम ही जाम रहा। हालांकि पुलिस और कमेटी की ओर से करीब 500 युवक यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में पूरे दिन लगे रहे। एसओ शेरकोट शिशुपाल शर्मा पुलिस बल के साथ दिन भर हाईवे 74 पर ट्रैफिक कंट्रोल करते नजर आए।
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सेवा से मन को शांति मिलती है : पूर्व राज्य मंत्री
कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने बढ़ चढ़ कर जायरीनों की खिदमत की। भाजयुमो के युवा नेता एवं गांव जैतरा निवासी रूपेश राणा ने अपनी टीम के साथ मेडिकल कैंप लगाकर बीमार लोगों को दवा दी और उनकी सेवा की। पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान ने भी जायरीनों की खिदमत की। उन्होंने कहा कि ऐसे में कार्यक्रमों में शामिल होकर सेवा करने से मन को बड़ी शांति मिलती है।
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शेरकोट। नगर में आयोजित दो दिवसीय तब्लीगी इज्तमा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को जायरीनों ने देश की खुशहाली, अमनोअमान, आपसी भाईचारे के लिए दुआ की। दिल्ली से आए मौलाना शौकत अली ने कहा कि इज्तमा का मकसद भूले हुए लोगों को सही राह दिखाना है।
चुंगी नंबर पांच के निकट खाली पड़े करीब 700 बीघा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अल्लाह एक है, मस्जिद अल्लाह का घर है। उन्होंने कहा कि अल्लाह और अल्लाह के घरों को भूलने वाला सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। मौलाना मेहंदी हसन लखनऊवीं ने कहा कि नमाज फर्ज है। खुद, अपने रिश्तेदारों को दीन पर चलाने की कोशिश करें। मौलाना नौशाद ने कहा कि सभी धर्म के लोगों को मिलजुलकर रहना चाहिए। उन्होंने अच्छाइयों के मार्ग पर चल कर बुराइयों को त्यागने का संदेश दिया। पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान, पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शेख कमरूल इस्लाम, शहर इमाम मौलाना रफीक अहमद, मौलाना उवैदुर्रहमान, शादब अहमद पप्पू, नफीस खन्ना, गुफरान शेख, नसीम राणा, अफसर चौधरी, जिया अहमद सेठू, नासिर प्रधान, मोहम्मद कमाल, सुहेल, दानिश, शाकिब, इरशाद कुरैशी, अजीम कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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हाईवे 74 पर जाम ही जाम
शेरकोट में चल रहे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार सवेरे से जायरीन वाहनों से कूच करने लगे थे। जिससे दिन भर हाईवे 74 पर यातायात बाधित रहा। घंटों तक लोग जाम में फंसे रहे। धामपुर से लेकर अफजलगढ़ तक हाईवे 74 पर जाम ही जाम रहा। हालांकि पुलिस और कमेटी की ओर से करीब 500 युवक यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में पूरे दिन लगे रहे। एसओ शेरकोट शिशुपाल शर्मा पुलिस बल के साथ दिन भर हाईवे 74 पर ट्रैफिक कंट्रोल करते नजर आए।
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सेवा से मन को शांति मिलती है : पूर्व राज्य मंत्री
कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने बढ़ चढ़ कर जायरीनों की खिदमत की। भाजयुमो के युवा नेता एवं गांव जैतरा निवासी रूपेश राणा ने अपनी टीम के साथ मेडिकल कैंप लगाकर बीमार लोगों को दवा दी और उनकी सेवा की। पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान ने भी जायरीनों की खिदमत की। उन्होंने कहा कि ऐसे में कार्यक्रमों में शामिल होकर सेवा करने से मन को बड़ी शांति मिलती है।