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गांव हिदायतपुर में डेंगू से नहीं अन्य कारण से हुई मौत : स्वास्थ्य विभाग
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:28 AM IST
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बिजनौर। अफजलगढ़ के गांव हिदायतपुर में दो युवती समेत तीन की मौत स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से नहीं होना माना है। वहीं, गांव झालू में भी किसी को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
सीएमओ डा. राकेश मित्तल ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कासमपुरगढ़ी ने सात सिंतबर को टीम के साथ गांव का दौरा किया था। इस दौरान परिजनों ने बताया कि अनोखी पुत्री महेंद्र सिंह को दो सितंबर को तेज बुखार आया था। उसका गांव के निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। आराम नहीं होने पर परिजन उसे काशीपुर के निजी अस्पताल ले गए थे। जहां उसकी खून की जांच में सीरम बिलीरूबिन और यूरिक एसिड बढ़ा हुआ पाया गया था। इसके कारण छह सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई थी। कामिनी पुत्री गणपत सिंह के परिजनों ने बताया कि तीन सितंबर उसे तेज बुखार आया था। उसका इलाज गांव के एक चिकित्सक से चल रहा था। उपचार के दौरान छह सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों के पास जांच के कोई अभिलेख प्राप्त नहीं होने के कारण उसकी मौत को कारण अज्ञात है। रामचंद्र सिंह के परिजनों ने बताया कि करीब छह माह पूर्व उसका गुर्दे का आपरेशन हुआ था। तभी से उसकी तबियत खराब चल रही थी और छह सितंबर को उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीनों की मौत का कारण डेंगू नही है, बल्कि अन्य कारण है। सीएमओ ने बताया कि झालू में उन्होंने टीम भेजकर जांच कराई है लेकिन किसी में भी डेंगू पॉजिटिव नहीं पाया गया।
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सीएमओ डा. राकेश मित्तल ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कासमपुरगढ़ी ने सात सिंतबर को टीम के साथ गांव का दौरा किया था। इस दौरान परिजनों ने बताया कि अनोखी पुत्री महेंद्र सिंह को दो सितंबर को तेज बुखार आया था। उसका गांव के निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। आराम नहीं होने पर परिजन उसे काशीपुर के निजी अस्पताल ले गए थे। जहां उसकी खून की जांच में सीरम बिलीरूबिन और यूरिक एसिड बढ़ा हुआ पाया गया था। इसके कारण छह सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई थी। कामिनी पुत्री गणपत सिंह के परिजनों ने बताया कि तीन सितंबर उसे तेज बुखार आया था। उसका इलाज गांव के एक चिकित्सक से चल रहा था। उपचार के दौरान छह सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों के पास जांच के कोई अभिलेख प्राप्त नहीं होने के कारण उसकी मौत को कारण अज्ञात है। रामचंद्र सिंह के परिजनों ने बताया कि करीब छह माह पूर्व उसका गुर्दे का आपरेशन हुआ था। तभी से उसकी तबियत खराब चल रही थी और छह सितंबर को उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीनों की मौत का कारण डेंगू नही है, बल्कि अन्य कारण है। सीएमओ ने बताया कि झालू में उन्होंने टीम भेजकर जांच कराई है लेकिन किसी में भी डेंगू पॉजिटिव नहीं पाया गया।
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