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मुनादी के सप्ताह भर बाद भी नागरपुर खडग़सेन के ग्रामीण बेअसर
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:43 AM IST
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सिंचाई विभाग मुरादाबाद ने एक सप्ताह पहले जमीन को 15 दिन में खाली करने का दे रखा है अल्टीमेटम
बाढ़ के दौरान लोगों को सिंचाई विभाग ने अपनी जमीन पर शरण दिया था, अब जता रहे अपना हक
धामपुर/ हरेवली। नागरपुर खड़गसेन के ग्रामीणों पर सिंचाई विभाग मुरादाबाद के अधिकारियों द्वारा गांव की जमीन को खाली कराने को कराई मुनादी का एक सप्ताह बाद भी कोई असर नहीं पड़ा है। सिंचाई विभाग ने एक सप्ताह पहले ग्रामीणों को मुनादी कराकर गांव की जमीन को 15 दिन में खाली करने का अल्टीमेटम दे रखा है। चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों ने निर्धारित समय में जमीन खाली नहीं किया तो बुलडोजर चलाकर मकानों को ध्वस्त किया जाएगा।
गौरतलब है कि मुरादाबाद सिंचाई विभाग के एसडीओ रामकुमार सिंह ने एक सप्ताह पहले टीम को साथ ले जाकर मुनादी कराई थी कि नागरपुर खड़गसेन गांव सिंचाई विभाग की जमीन में बसा है। यह जमीन उन्हें बाढ़ के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शरणस्थली के रूप में उपलब्ध कराई गई थी, पर लोग तभी से विभाग की जमीन पर बसे हैं और उनकी जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। जमीन को खाली कराने के लिए सरकार के सख्त आदेश हैं। ग्रामीणों को हरहाल में विभाग की जमीन को कब्जामुक्त करना पड़ेगा।
उधर, विभाग द्वारा दिए अल्टीमेटम को करीब आठ दिन बीत गए हैं, पर अभी तक ग्रामीणों को इसका कोई असर नहीं पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में डीएम और क्षेत्र के विधायक को ज्ञापन देकर अवगत करा दिया है। जब उनके द्वारा ग्रामीणों की समस्या को डीएम के संज्ञान में ला दी गई है तो उन्हें घबराने की कोई बात नहीं है। डीएम ने भी अपने स्तर से उनकी मदद कराने का भरोसा दिया है। गांव के शीशपाल सिंह, सीताराम, श्याम सिंह, छोटे, उदय सिंह, प्रधान लवली मनचल, बाबू सिंह का कहना है कि इस जमीन पर 39 वर्षों से काबिज हैं। उनके गांव को ग्राम सभा का दर्जा मिला हुआ है। गांव में प्रधान चुना जाता है। ग्राम समाज की ओर से गांव में करोड़ों के विकास हो चुुके हैं। ऐसे में वह किसी भी हालत में जमीन को खाली नहीं करेंगे। उधर, एसडीओ का कहना है कि सरकार के आदेशों को क्रियान्वित कराना उनकी प्राथमिकता है।
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बाढ़ के दौरान लोगों को सिंचाई विभाग ने अपनी जमीन पर शरण दिया था, अब जता रहे अपना हक
धामपुर/ हरेवली। नागरपुर खड़गसेन के ग्रामीणों पर सिंचाई विभाग मुरादाबाद के अधिकारियों द्वारा गांव की जमीन को खाली कराने को कराई मुनादी का एक सप्ताह बाद भी कोई असर नहीं पड़ा है। सिंचाई विभाग ने एक सप्ताह पहले ग्रामीणों को मुनादी कराकर गांव की जमीन को 15 दिन में खाली करने का अल्टीमेटम दे रखा है। चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों ने निर्धारित समय में जमीन खाली नहीं किया तो बुलडोजर चलाकर मकानों को ध्वस्त किया जाएगा।
गौरतलब है कि मुरादाबाद सिंचाई विभाग के एसडीओ रामकुमार सिंह ने एक सप्ताह पहले टीम को साथ ले जाकर मुनादी कराई थी कि नागरपुर खड़गसेन गांव सिंचाई विभाग की जमीन में बसा है। यह जमीन उन्हें बाढ़ के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शरणस्थली के रूप में उपलब्ध कराई गई थी, पर लोग तभी से विभाग की जमीन पर बसे हैं और उनकी जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। जमीन को खाली कराने के लिए सरकार के सख्त आदेश हैं। ग्रामीणों को हरहाल में विभाग की जमीन को कब्जामुक्त करना पड़ेगा।
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उधर, विभाग द्वारा दिए अल्टीमेटम को करीब आठ दिन बीत गए हैं, पर अभी तक ग्रामीणों को इसका कोई असर नहीं पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में डीएम और क्षेत्र के विधायक को ज्ञापन देकर अवगत करा दिया है। जब उनके द्वारा ग्रामीणों की समस्या को डीएम के संज्ञान में ला दी गई है तो उन्हें घबराने की कोई बात नहीं है। डीएम ने भी अपने स्तर से उनकी मदद कराने का भरोसा दिया है। गांव के शीशपाल सिंह, सीताराम, श्याम सिंह, छोटे, उदय सिंह, प्रधान लवली मनचल, बाबू सिंह का कहना है कि इस जमीन पर 39 वर्षों से काबिज हैं। उनके गांव को ग्राम सभा का दर्जा मिला हुआ है। गांव में प्रधान चुना जाता है। ग्राम समाज की ओर से गांव में करोड़ों के विकास हो चुुके हैं। ऐसे में वह किसी भी हालत में जमीन को खाली नहीं करेंगे। उधर, एसडीओ का कहना है कि सरकार के आदेशों को क्रियान्वित कराना उनकी प्राथमिकता है।
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