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डिडौली कोतवाली के सामने अधेड़ ने खुद को मारी गोली, मचा हड़कंप
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:47 AM IST
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जीवाई चौकी इंचार्ज के कार्रवाई नहीं करने से क्षुब्ध होकर उठाया जानलेवा कदम
करनपुर माफी के अधेड़े का भाई से चल रहा है भूमि विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
जोया।
भाई से चल रहे भूमि विवाद में जीवाई चौकी पुलिस के कार्रवाई न करने से क्षुब्ध अधेड़ ने डिडौली कोतवाली के सामने खुुदकुशी करने के लिए खुद को गोली मार ली। गोली सीने में लगने से वह लहूलुहान होकर कोतवाली गेट पर ही गिर गया। गोली की आवाज सुनकर कोतवाली पुलिस दौड़ कर मौके पर पहुंची। कोतवाली के सामने हुई वारदात से पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने अधेड़ को कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया गया। सीओ सदर ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी की। अधेड़ का आरोप है कि उसने कई बार चौकी पुलिस को तहरीर दी, मगर पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। पुलिस ने तमंचा कब्जे में ले लिया है।
डिडौली के करनपुर माफी गांव निवासी 55 वर्षीय शफीन शनिवार की दोपहर दो बजे डिडौली कोतवाली पहुंचा। कुछ देर बाद बाहर आ गया। कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी अपने काम में मशगूल थे। दोपहरी का वक्त था। लिहाजा गांव में ज्यादा चहल पहल नहीं थी। कोतवाली पुलिस और ग्रामीणों में उस समय हड़कंप मच गया, जब फायरिंग होने पर फायर की आवाज आई। गोली की आवाज सुन कर पुलिस दौड़ कर कोतवाली के बाहर आयी तो नजारा देेख कर पुलिस को पसीना आ गया। कोतवाली के सामने ही शफीन खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। उसके सीने में गोली लगी थी। पास ही तमंचा पड़ा था। ग्रामीण भी पहुंच गए। अफरातफरी भरा माहौल हो गया। पुलिस ने खून से लथपथ शफीन को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां पर हालत नाजुक देख जिला अस्पताल भेज दिया। सूचना पाकर सीओ सदर घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों से मामले की जानकारी की। पुलिस ने 315 बोर का तमंचा कब्जे में ले लिया।
यह बताया जा रहा है मामला
करनपुर माफी गांव निवासी अधेड़ शफीन की शादी नहीं हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक उसके बड़े भाई ने जमीन पर कब्जा कर लिया है। अधेड़ का भाई से भूमि विवाद चल रहा है। तीन महीने पूर्व झगड़ा हुआ था। जिसमें शफीन को 13 दिन की जेल काटनी पड़ी, जबकि दूसरे भाई का पुलिस ने सिर्फ शांति भंग में चालान किया था। बताते हैं कि अब अधेड़ का भतीजा घर पर कब्जे की कोशिश कर रहा था। जिस पर अधेड़ ने जीवाई चौकी पुलिस को भतीजे के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार तहरीर दी। आरोप है कि दबंग से हमसाज चौकी इंचार्ज ने अधेड़ की नहीं सुनी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण जीवाई चौकी इंचार्ज से बेहद नाराज था। नतीजतन उसने खुदकुशी करने के लिए तमंचे से सीने में गोली मार ली।
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पुलिस बोली - जान बूझकर किया ऐसा
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि अधेड़ आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसने अपने हिस्से की जमीन बेच दी। वह भाई से जमीन में हिस्सा मांगता था। जिसको लेकर भाई से झगड़ा भी हुआ। रामपुर में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। डिडौली से भी जेल जा चुका है। वह आए दिन भाई और ग्रामीणों से लड़ता झगड़ता है। साथ ही झूठे मामलों में फंसा कर जेल भेजने की धमकी देता है। उसने चार जुलाई को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उसने कहा था कि जेल नहीं गए तो खुदकुशी कर लेगा। जिसके बाद जेल जाना पड़ेगा। तहसील दिवस का प्रार्थना पत्र मंगा लिया है।
डिडौली के करनपुर माफी के अधेड़ द्वारा गोली मारने का मामला सामने आया है। अधेड़ को मेरठ में भर्ती करा दिया है। अधेड़ का जीवाई चौकी इंचार्ज पर जमीनी विवाद में पक्षपात करने का आरोप है। अपर पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी गई है।
- संतोष कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक।
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करनपुर माफी के अधेड़े का भाई से चल रहा है भूमि विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
जोया।
भाई से चल रहे भूमि विवाद में जीवाई चौकी पुलिस के कार्रवाई न करने से क्षुब्ध अधेड़ ने डिडौली कोतवाली के सामने खुुदकुशी करने के लिए खुद को गोली मार ली। गोली सीने में लगने से वह लहूलुहान होकर कोतवाली गेट पर ही गिर गया। गोली की आवाज सुनकर कोतवाली पुलिस दौड़ कर मौके पर पहुंची। कोतवाली के सामने हुई वारदात से पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने अधेड़ को कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया गया। सीओ सदर ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी की। अधेड़ का आरोप है कि उसने कई बार चौकी पुलिस को तहरीर दी, मगर पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। पुलिस ने तमंचा कब्जे में ले लिया है।
डिडौली के करनपुर माफी गांव निवासी 55 वर्षीय शफीन शनिवार की दोपहर दो बजे डिडौली कोतवाली पहुंचा। कुछ देर बाद बाहर आ गया। कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी अपने काम में मशगूल थे। दोपहरी का वक्त था। लिहाजा गांव में ज्यादा चहल पहल नहीं थी। कोतवाली पुलिस और ग्रामीणों में उस समय हड़कंप मच गया, जब फायरिंग होने पर फायर की आवाज आई। गोली की आवाज सुन कर पुलिस दौड़ कर कोतवाली के बाहर आयी तो नजारा देेख कर पुलिस को पसीना आ गया। कोतवाली के सामने ही शफीन खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। उसके सीने में गोली लगी थी। पास ही तमंचा पड़ा था। ग्रामीण भी पहुंच गए। अफरातफरी भरा माहौल हो गया। पुलिस ने खून से लथपथ शफीन को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां पर हालत नाजुक देख जिला अस्पताल भेज दिया। सूचना पाकर सीओ सदर घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों से मामले की जानकारी की। पुलिस ने 315 बोर का तमंचा कब्जे में ले लिया।
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यह बताया जा रहा है मामला
करनपुर माफी गांव निवासी अधेड़ शफीन की शादी नहीं हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक उसके बड़े भाई ने जमीन पर कब्जा कर लिया है। अधेड़ का भाई से भूमि विवाद चल रहा है। तीन महीने पूर्व झगड़ा हुआ था। जिसमें शफीन को 13 दिन की जेल काटनी पड़ी, जबकि दूसरे भाई का पुलिस ने सिर्फ शांति भंग में चालान किया था। बताते हैं कि अब अधेड़ का भतीजा घर पर कब्जे की कोशिश कर रहा था। जिस पर अधेड़ ने जीवाई चौकी पुलिस को भतीजे के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार तहरीर दी। आरोप है कि दबंग से हमसाज चौकी इंचार्ज ने अधेड़ की नहीं सुनी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण जीवाई चौकी इंचार्ज से बेहद नाराज था। नतीजतन उसने खुदकुशी करने के लिए तमंचे से सीने में गोली मार ली।
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पुलिस बोली - जान बूझकर किया ऐसा
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि अधेड़ आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसने अपने हिस्से की जमीन बेच दी। वह भाई से जमीन में हिस्सा मांगता था। जिसको लेकर भाई से झगड़ा भी हुआ। रामपुर में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। डिडौली से भी जेल जा चुका है। वह आए दिन भाई और ग्रामीणों से लड़ता झगड़ता है। साथ ही झूठे मामलों में फंसा कर जेल भेजने की धमकी देता है। उसने चार जुलाई को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उसने कहा था कि जेल नहीं गए तो खुदकुशी कर लेगा। जिसके बाद जेल जाना पड़ेगा। तहसील दिवस का प्रार्थना पत्र मंगा लिया है।
डिडौली के करनपुर माफी के अधेड़ द्वारा गोली मारने का मामला सामने आया है। अधेड़ को मेरठ में भर्ती करा दिया है। अधेड़ का जीवाई चौकी इंचार्ज पर जमीनी विवाद में पक्षपात करने का आरोप है। अपर पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी गई है।
- संतोष कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक।