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आधार नंबर लगाने के बाद भी गैस की सब्सिडी गोल
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गैस सिलेंडर
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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आधार नंबर लगाने के बाद भी नहीं आ रही सब्सिडी
बिजनौर। आधार नंबर बैंक खाते और गैस एजेंसी पर लिंक कराने के बाद भी उपभोक्ताओं की सब्सिडी गोल हो रही है। बैंकों की ओर से एनपीसीआई से बैंक खाते और आधार नंबर लिंक न कराने के कारण ऐसा हो रहा है। उपभोक्ता सब्सिडी के लिए बैंकों और गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं।
अब योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी उपभोक्ताओं के खाते में ही आती है। गैस सिलिंडर की सब्सिडी करीब चार साल से खाते में भेजी जा रही है। जिन उपभोक्ताओं के खाते आधार नंबर से लिंक हैं, उन्हें ही सब्सिडी का पात्र माना गया है। लेकिन कई ऐसे भी उपभोक्ता हैं जिनके द्वारा बैंक खाता और गैस कनेक्शन आधार नंबर से लिंक कराने के बाद भी खाते में सब्सिडी नहीं आ रही है। ऐसा बैंक कर्मचारियों द्वारा आधार नंबर और उपभोक्ता के बैंक खाते को एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) से लिंक न करने के कारण हो रहा है। योजनाओं की सब्सिडी एनपीसीआई द्वारा ही उपभोक्ताओं के खाते में भेजी जाती है। एनपीसीआई से खाते और आधार नंबर न लिंक होने के कारण उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी नहीं आ पाती है। ऐसे उपभोक्ता सब्सिडी के लिए गैस एजेंसियों और बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर रहते हैं।
जिले में साढ़े तीन लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं। उपभोक्ताओं के खाते सब्सिडी न आने की समस्या होती रहती है। ऐसे उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी वाले बैंकों के तो बैंक वाले गैस एजेंसियों के चक्कर कटवाते रहते हैं। एचपी के एरिया मैनेजर विपिन आनंद के मुताबिक उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी आने में दिक्कत आने के बारे में पता चला है। इसके बारे में बैंकों को पत्र लिखा गया है। वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
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बिजनौर। आधार नंबर बैंक खाते और गैस एजेंसी पर लिंक कराने के बाद भी उपभोक्ताओं की सब्सिडी गोल हो रही है। बैंकों की ओर से एनपीसीआई से बैंक खाते और आधार नंबर लिंक न कराने के कारण ऐसा हो रहा है। उपभोक्ता सब्सिडी के लिए बैंकों और गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं।
अब योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी उपभोक्ताओं के खाते में ही आती है। गैस सिलिंडर की सब्सिडी करीब चार साल से खाते में भेजी जा रही है। जिन उपभोक्ताओं के खाते आधार नंबर से लिंक हैं, उन्हें ही सब्सिडी का पात्र माना गया है। लेकिन कई ऐसे भी उपभोक्ता हैं जिनके द्वारा बैंक खाता और गैस कनेक्शन आधार नंबर से लिंक कराने के बाद भी खाते में सब्सिडी नहीं आ रही है। ऐसा बैंक कर्मचारियों द्वारा आधार नंबर और उपभोक्ता के बैंक खाते को एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) से लिंक न करने के कारण हो रहा है। योजनाओं की सब्सिडी एनपीसीआई द्वारा ही उपभोक्ताओं के खाते में भेजी जाती है। एनपीसीआई से खाते और आधार नंबर न लिंक होने के कारण उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी नहीं आ पाती है। ऐसे उपभोक्ता सब्सिडी के लिए गैस एजेंसियों और बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर रहते हैं।
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जिले में साढ़े तीन लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं। उपभोक्ताओं के खाते सब्सिडी न आने की समस्या होती रहती है। ऐसे उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी वाले बैंकों के तो बैंक वाले गैस एजेंसियों के चक्कर कटवाते रहते हैं। एचपी के एरिया मैनेजर विपिन आनंद के मुताबिक उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी आने में दिक्कत आने के बारे में पता चला है। इसके बारे में बैंकों को पत्र लिखा गया है। वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
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