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यातायात व्यवस्था चरमराई, जनता को परेशानी
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:25 PM IST
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यातायात व्यवस्था चरमराई, जनता को परेशानी
कालागढ़। प्रशासन/सिंचाई विभाग की कर्मचारियों को सुविधाएं दिलाने के नाम ढुलमुल रवैया अपनाने के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुराना कालागढ़ से कोई भी वाहन नई कॉलोनी तक संचालित नहीं हो पा रहा है। यात्रियों/बांध परियोजना के कर्मचारी परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बांध परियोजना के निर्माण के दौरान से ही 1960 के दशक से ही नई कॉलोनी तक धामपुर, नगीना, काशीपुर से प्राइवेट व बिजनौर डिपो की बसों का संचालन होता रहा है। इन बसों के अनियमित संचालन के चलते हालात यहां तक आ पहुंचे हैं कि बिजनौर डिपो की सुबह सात बजे बिजनौर को जाने वाली बस को कई वर्ष से चलाया ही नहीं जा रहा है। इसके अलावा प्राइवेट बसें भी नई कॉलोनी तक संचालित नहीं हो रही है। कर्मचारी नेता सुरेश सिंह का कहना है कि इस बारे में सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों व बिजनौर के परिवहन विभाग के अधिकारियों से व्यवस्था को पूर्व के समान ही बनाए रखने की मांग की गई है।
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कालागढ़। प्रशासन/सिंचाई विभाग की कर्मचारियों को सुविधाएं दिलाने के नाम ढुलमुल रवैया अपनाने के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुराना कालागढ़ से कोई भी वाहन नई कॉलोनी तक संचालित नहीं हो पा रहा है। यात्रियों/बांध परियोजना के कर्मचारी परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बांध परियोजना के निर्माण के दौरान से ही 1960 के दशक से ही नई कॉलोनी तक धामपुर, नगीना, काशीपुर से प्राइवेट व बिजनौर डिपो की बसों का संचालन होता रहा है। इन बसों के अनियमित संचालन के चलते हालात यहां तक आ पहुंचे हैं कि बिजनौर डिपो की सुबह सात बजे बिजनौर को जाने वाली बस को कई वर्ष से चलाया ही नहीं जा रहा है। इसके अलावा प्राइवेट बसें भी नई कॉलोनी तक संचालित नहीं हो रही है। कर्मचारी नेता सुरेश सिंह का कहना है कि इस बारे में सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों व बिजनौर के परिवहन विभाग के अधिकारियों से व्यवस्था को पूर्व के समान ही बनाए रखने की मांग की गई है।