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भाकपा का तहसील पर धरना प्रदर्शन
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:33 AM IST
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माकपा का तहसील पर धरना प्रदर्शन
चांदपुर (बिजनौर)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने जनहित की समस्याओं को लेकर तहसील पर धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
मंगलवार को कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय किसान सभा, मनरेगा संगठन आदि के कार्यकर्ताओं ने तहसील पर धरना दिया। ऋषि पाल सिंह की अध्यक्षता, तेजपाल सिंह के संचालन में चले धरने पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जारी बजट में गरीब, मजदूरों, किसान, आम जनता के लिए कोई राहत नहीं दी गई। मनरेगा बजट में कटौती की गई। 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने की बात कही जा रही है, जबकि फसलों का बोने से पूर्व समर्थन मूल्य घोषित और खरीदारों की व्यवस्था न करना, स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू न करना सरकार की किसान विरोधी नीति है। राशन कार्डों के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। ज्ञापन देने वालों में छोटेे सिंह, राजपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह तंवर, अमर सिंह, मूलचंद्र सिंह, मलखान सिंह, जोगेंद्र सिंह, बदरूल हसन, कुलदीप गुप्ता, रामनिवास जोशी, मुनव्वर जलील, चौधरी वीर सिंह, शब्बन कुरैशी मोहम्मद जावेद मंसूरी, शमसुद्दीन, अय्यूब, दिलशाद, सर्वेया सोनी आदि मौजूद रहे।
ये हैं माकपा की मांगें
- नगर और ग्रामीण क्षेत्र में समान विद्युत आपूर्ति करने
- ग्रामीण क्षेत्रों में शाम पांच से रात 11 और सुबह तीन से छह बजे विद्युत आपूर्ति देने
- अनुपयोगी पशुओं को सरकारी पशुशाला खोलकर सरकारी संरक्षण में रखने
- रिक्त सरकारी पदों को शीघ्र भरने
- चांदपुर- नूरपुर नगर में अतिक्रमण हटाने
- आलू का समर्थन मूल्य 1100 रुपये प्रति क्विंटल करने
- नारनौर में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल शीघ्र पूरा कराने
- मिलों द्वारा क्रय केंद्रों पर की जा रही गन्न घटतौली को बंद कराने की मांग की।
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चांदपुर (बिजनौर)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने जनहित की समस्याओं को लेकर तहसील पर धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
मंगलवार को कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय किसान सभा, मनरेगा संगठन आदि के कार्यकर्ताओं ने तहसील पर धरना दिया। ऋषि पाल सिंह की अध्यक्षता, तेजपाल सिंह के संचालन में चले धरने पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जारी बजट में गरीब, मजदूरों, किसान, आम जनता के लिए कोई राहत नहीं दी गई। मनरेगा बजट में कटौती की गई। 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने की बात कही जा रही है, जबकि फसलों का बोने से पूर्व समर्थन मूल्य घोषित और खरीदारों की व्यवस्था न करना, स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू न करना सरकार की किसान विरोधी नीति है। राशन कार्डों के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। ज्ञापन देने वालों में छोटेे सिंह, राजपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह तंवर, अमर सिंह, मूलचंद्र सिंह, मलखान सिंह, जोगेंद्र सिंह, बदरूल हसन, कुलदीप गुप्ता, रामनिवास जोशी, मुनव्वर जलील, चौधरी वीर सिंह, शब्बन कुरैशी मोहम्मद जावेद मंसूरी, शमसुद्दीन, अय्यूब, दिलशाद, सर्वेया सोनी आदि मौजूद रहे।
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ये हैं माकपा की मांगें
- नगर और ग्रामीण क्षेत्र में समान विद्युत आपूर्ति करने
- ग्रामीण क्षेत्रों में शाम पांच से रात 11 और सुबह तीन से छह बजे विद्युत आपूर्ति देने
- अनुपयोगी पशुओं को सरकारी पशुशाला खोलकर सरकारी संरक्षण में रखने
- रिक्त सरकारी पदों को शीघ्र भरने
- चांदपुर- नूरपुर नगर में अतिक्रमण हटाने
- आलू का समर्थन मूल्य 1100 रुपये प्रति क्विंटल करने
- नारनौर में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल शीघ्र पूरा कराने
- मिलों द्वारा क्रय केंद्रों पर की जा रही गन्न घटतौली को बंद कराने की मांग की।