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कर्मचारियों के उत्पीडन के खिलाफ निगम कर्मचारी लामबंध
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:22 AM IST
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बिजनौर। यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन ने समयपाल कक्ष को रोडवेज स्टेंड परिसर में लाने समेत कई मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम की अधिकांश बसों के पहिये रुक गए। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यूनियन में नौ जनवरी 2018 को फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने समयपाल कक्ष, परिचालकों को ईटीएम (ऑटोमैटिक टिकट मशीन) मशीन उपलब्ध कराने, स्टाफ से अवैध वसूली बंद कराने व वाहनों को सही ढंग से ठीक कराने की मांग को लेकर 18 दिसंबर को आंदोलन की चेतावनी दी थी। आंदोलन की चेतावनी के बाद भी निगम अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया। यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मांगों को लेकर एआरएम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। धरने में वक्ताओं ने कहा कि जो समयपाल कक्ष डिपो में रहना चाहिए, उसको कार्यशाला में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसा कर डिपो प्रशासन कर्मचारियों के खिलाफ विरोधी नीति अपना रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों में रोष है। अगर जल्द ही उनकी समस्याओं को समाधान नहीं किया गया तो नौ जनवरी को फिर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बलराम सिंह, अरविंद शर्मा, अशोक कुमार, हिरेंद्र शर्मा, नीरज, सत्यपाल, मो. इस्लाम, करन, सतेंद्र शर्मा व अंकित सहित 150 कर्मचारी धरने में मौजूद रहे।
यात्री रहे परेशान
जिला मुख्यालय पर 104 निगम की बसें हैं। शुक्रवार को हुए धरना-प्रदर्शन के कारण अधिकांश बसों रोडवेज में खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को राजधानी दिल्ली जाने के लिए घंटों बसों को इंतजार करना पड़ा। उत्तराखंड की बसों से यात्री अपने गंतव्य को रवाना हुए। सभी रुटों का ऐसा ही हाल रहा।
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यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने समयपाल कक्ष, परिचालकों को ईटीएम (ऑटोमैटिक टिकट मशीन) मशीन उपलब्ध कराने, स्टाफ से अवैध वसूली बंद कराने व वाहनों को सही ढंग से ठीक कराने की मांग को लेकर 18 दिसंबर को आंदोलन की चेतावनी दी थी। आंदोलन की चेतावनी के बाद भी निगम अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया। यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मांगों को लेकर एआरएम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। धरने में वक्ताओं ने कहा कि जो समयपाल कक्ष डिपो में रहना चाहिए, उसको कार्यशाला में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसा कर डिपो प्रशासन कर्मचारियों के खिलाफ विरोधी नीति अपना रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों में रोष है। अगर जल्द ही उनकी समस्याओं को समाधान नहीं किया गया तो नौ जनवरी को फिर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बलराम सिंह, अरविंद शर्मा, अशोक कुमार, हिरेंद्र शर्मा, नीरज, सत्यपाल, मो. इस्लाम, करन, सतेंद्र शर्मा व अंकित सहित 150 कर्मचारी धरने में मौजूद रहे।
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यात्री रहे परेशान
जिला मुख्यालय पर 104 निगम की बसें हैं। शुक्रवार को हुए धरना-प्रदर्शन के कारण अधिकांश बसों रोडवेज में खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को राजधानी दिल्ली जाने के लिए घंटों बसों को इंतजार करना पड़ा। उत्तराखंड की बसों से यात्री अपने गंतव्य को रवाना हुए। सभी रुटों का ऐसा ही हाल रहा।
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