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खेलकूद प्रतियोगिता कराने में छूट रहे पसीने
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:59 PM IST
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बिजनौर । जिले के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता कराना मुसीबत बना है। शासन ने वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता कराने के आदेश दिए हैं, लेकिन प्रतियोगिता कराने को आई धनराशि कम होने से शिक्षक परेशान है। खेलकूद कराने में शिक्षकों के पसीने छूट रहे हैं।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कक्षा एक से आठ तक के छात्र छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता कराने के आदेश दिए हैं। स्कूल से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक की खेलकूद प्रतियोगिता के लिए किसी भी प्रकार की धनराशि की व्यवस्था नहीं की गई। अप्रैल 2009 के बाद से खेल चंदा नहीं लिया जाता है। शासन स्तर से ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक ब्लॉक को 6500 रुपये खेलकूद के नाम पर भेजे गए हैं। न्याय पंचायत स्तर पर ही बच्चों को खेल खिलाने में शिक्षकों के पसीने छूट गए। न्याय पंचायत स्तर पर संकुल प्रभारियों और शिक्षकों ने आपस में चंदा एकत्रित कर किसी तरह से खेल करा लिए हैं। अब ब्लॉक स्तर पर क्रीड़ा प्रतियोगिता ब्लॉक स्तर पर होनी है। जिला व्यायाम शिक्षक पीसी चक्रवर्ती के मुताबिक 20 नवंबर से पूर्व ब्लॉक स्तर पर क्रीड़ा प्रतियोगिता होगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षक ब्लॉक स्तर पर आई धनराशि को बहुत कम बता रहे हैं। प्रतियोगिताओं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाना है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार, मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। खेलो के लिए भेजा गया बजट बहुत कम है। जिले में ढाई हजार स्कूल है। ब्लॉक स्तर पर करीब 500 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करते हैं। कम धनराशि में व्यवस्था बनाना भी संभव नहीं है।
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सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कक्षा एक से आठ तक के छात्र छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता कराने के आदेश दिए हैं। स्कूल से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक की खेलकूद प्रतियोगिता के लिए किसी भी प्रकार की धनराशि की व्यवस्था नहीं की गई। अप्रैल 2009 के बाद से खेल चंदा नहीं लिया जाता है। शासन स्तर से ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक ब्लॉक को 6500 रुपये खेलकूद के नाम पर भेजे गए हैं। न्याय पंचायत स्तर पर ही बच्चों को खेल खिलाने में शिक्षकों के पसीने छूट गए। न्याय पंचायत स्तर पर संकुल प्रभारियों और शिक्षकों ने आपस में चंदा एकत्रित कर किसी तरह से खेल करा लिए हैं। अब ब्लॉक स्तर पर क्रीड़ा प्रतियोगिता ब्लॉक स्तर पर होनी है। जिला व्यायाम शिक्षक पीसी चक्रवर्ती के मुताबिक 20 नवंबर से पूर्व ब्लॉक स्तर पर क्रीड़ा प्रतियोगिता होगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षक ब्लॉक स्तर पर आई धनराशि को बहुत कम बता रहे हैं। प्रतियोगिताओं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाना है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार, मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। खेलो के लिए भेजा गया बजट बहुत कम है। जिले में ढाई हजार स्कूल है। ब्लॉक स्तर पर करीब 500 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करते हैं। कम धनराशि में व्यवस्था बनाना भी संभव नहीं है।
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