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कण्व आश्रम का होगा जीर्णोद्धार
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:58 PM IST
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बिजनौर । प्रशासन कण्व आश्रम के जीर्णोद्धार में जुट गया है। आश्रम के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। रावली में बाढ़ से बचाव के लिए शरण स्थल बनेगा। गांव की साफ सफाई होगी। इसके लिए ग्रामवासियों और अधिकारियों की पंद्रह सदस्यीय समिति बनाई गई है।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने प्रशासनिक अमले के साथ मंगलवार को रावली गांव का दौरा किया। सीडीओ के अनुसार कण्व आश्रम भारतीय संस्कृति का आधार केंद्र हैं। बिजनौर को दुनिया के मानचित्र पर दर्शाने वाले कण्व आश्रम का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व विलुप्त होने की स्थिति में हैं। प्रशासन ने आश्रम का जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया है। पुरातन महत्व के इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व लोगों को बताने के लिए आश्रम के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। योजना को अमली जामा पहनाने पर शीघ्र अमल शुरू होगा। रावली गांव गंगा किनारे स्थित है। ग्रामवासी हर साल बाढ़ का प्रकोप झेलते हैं। प्रशासन ने बाढ़ के समय ग्रामवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए गांव में शरण स्थल अर्थात शल्टर बनाने का निर्णय लिया है। टीम बनाकर युद्ध स्तर पर साफ सफाई कराई जाएगी। गांव के मौजा ब्रह्मपुरी में कुछ लोगों ने इज्जतघर नहीं होने की बात रखी। इस पर डोर टू डोर सर्वे कराकर गरीब जरूरतमंदों के इज्जतघर बनवाए जाएंगे। नालियों को जोड़कर पानी निकासी की व्यवस्था पर काम शुरू करा दिया गया है। कण्व आश्रम के जीर्णोद्धार विकास योजना पर अमल के लिए 10 ग्रामवासियों और पांच अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह, एडीओ नौबहार सिंह व अनिल सिंह मौजूद रहे।
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सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने प्रशासनिक अमले के साथ मंगलवार को रावली गांव का दौरा किया। सीडीओ के अनुसार कण्व आश्रम भारतीय संस्कृति का आधार केंद्र हैं। बिजनौर को दुनिया के मानचित्र पर दर्शाने वाले कण्व आश्रम का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व विलुप्त होने की स्थिति में हैं। प्रशासन ने आश्रम का जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया है। पुरातन महत्व के इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व लोगों को बताने के लिए आश्रम के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। योजना को अमली जामा पहनाने पर शीघ्र अमल शुरू होगा। रावली गांव गंगा किनारे स्थित है। ग्रामवासी हर साल बाढ़ का प्रकोप झेलते हैं। प्रशासन ने बाढ़ के समय ग्रामवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए गांव में शरण स्थल अर्थात शल्टर बनाने का निर्णय लिया है। टीम बनाकर युद्ध स्तर पर साफ सफाई कराई जाएगी। गांव के मौजा ब्रह्मपुरी में कुछ लोगों ने इज्जतघर नहीं होने की बात रखी। इस पर डोर टू डोर सर्वे कराकर गरीब जरूरतमंदों के इज्जतघर बनवाए जाएंगे। नालियों को जोड़कर पानी निकासी की व्यवस्था पर काम शुरू करा दिया गया है। कण्व आश्रम के जीर्णोद्धार विकास योजना पर अमल के लिए 10 ग्रामवासियों और पांच अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह, एडीओ नौबहार सिंह व अनिल सिंह मौजूद रहे।
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