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जारी रहेगा शिक्षकों का संघर्ष चांदपुर
Updated Wed, 09 Aug 2017 01:04 AM IST
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जारी रहेगा शिक्षकों का आंदोलन
चांदपुर (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा कि 2005 के नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली के लिए संगठन कृत संकल्प है। मांग पूूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मलिक ने अपने एक प्रेस नोट में कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने हेतु मुक्ति यात्रा से अद्यतन संगठन संघर्षरत है। प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा कि संघ कैशलेस चिकित्सा, सहायता प्राप्त विद्यालयों में 50 प्रतिशत खाली पदों पर नियुक्ति, कंप्यूटर व व्यवसायिक शिक्षकों का विनियमितीकरण, अवशेषों का भुगतान, बोर्ड कार्यों का पारिश्रमिक, विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग भर्ती व्यवस्था को समाप्त करने, संलग्न प्राइमरी विद्यालयों को समय पर वेतन आदि मांग को प्राप्त करने के लिए संघर्ष ही एक मात्र रास्ता है। मलिक ने शिक्षा के बजट में भारी कटौती, बायोमेट्रिक प्रणाली का आरंभ, 50 वर्ष की आयु के शिक्षक व कर्मचारियों की क्षमताओं का आकलन शिक्षकों की अस्मिता व अस्तित्व व प्राप्त उपलब्धियों पर अपरोक्ष रूप से हमले को खतरे की घंटी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा से हुई वार्ता में सितंबर तक का समय मांगा है।
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चांदपुर (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा कि 2005 के नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली के लिए संगठन कृत संकल्प है। मांग पूूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मलिक ने अपने एक प्रेस नोट में कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने हेतु मुक्ति यात्रा से अद्यतन संगठन संघर्षरत है। प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा कि संघ कैशलेस चिकित्सा, सहायता प्राप्त विद्यालयों में 50 प्रतिशत खाली पदों पर नियुक्ति, कंप्यूटर व व्यवसायिक शिक्षकों का विनियमितीकरण, अवशेषों का भुगतान, बोर्ड कार्यों का पारिश्रमिक, विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग भर्ती व्यवस्था को समाप्त करने, संलग्न प्राइमरी विद्यालयों को समय पर वेतन आदि मांग को प्राप्त करने के लिए संघर्ष ही एक मात्र रास्ता है। मलिक ने शिक्षा के बजट में भारी कटौती, बायोमेट्रिक प्रणाली का आरंभ, 50 वर्ष की आयु के शिक्षक व कर्मचारियों की क्षमताओं का आकलन शिक्षकों की अस्मिता व अस्तित्व व प्राप्त उपलब्धियों पर अपरोक्ष रूप से हमले को खतरे की घंटी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा से हुई वार्ता में सितंबर तक का समय मांगा है।
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