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मेडिकल स्टोर पंजीकरण
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:41 PM IST
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30 नवंबर तक होंगे ऑनलाइन पंजीकरण
बिजनौर। शासन ने मनमाने ढंग से दवा की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। अब इन संचालकों को एफएसडीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसमें लाइसेंस से संबंधित सभी जानकारी के अलावा मेडिकल स्टोर पर कार्य करने वाले स्टाफ आदि का ब्यौरा देना होगा। मेडिकल स्टोर संचालक अब 30 नवंबर तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं, पहले इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त थी।
जिले में कुल तीन हजार के आसपास मेडिकल स्टोर हैं। शासन ने सभी दवा विक्रेताओं को फार्मासिस्ट एवं दवा विक्रेता का समस्त डाटा ऑनलाइन करने के निर्देश दिए थे। पूर्व में विभाग ने पंजीकरण कराने की तिथि 31 अगस्त घोषित की थी। इस पर प्रदेश के कुछ औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर फार्मासिस्ट एवं अन्य डाटा को पूरा करने में कुछ समय बढ़वाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसकी तिथि को आगे बढ़ाते हुए 30 नवंबर कर दिया है। अभी तक मेडिकल स्टोरों डाटा ऑनलाइन नहीं था, लेकिन मेडिकल स्टोरों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डीआई आशुतोष मिश्रा ने बताया कि विभाग के आयुक्त के सख्त निर्देश हैं कि प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोर संचालक ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया को पूरा कराएं। इस अवधि के बाद यदि कोई अपना पंजीकरण नहीं कराता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। शासन का मकसद दवाओं की बिक्री में किसी भी प्रकार की मनमानी को रोकना है।
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बिजनौर। शासन ने मनमाने ढंग से दवा की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। अब इन संचालकों को एफएसडीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसमें लाइसेंस से संबंधित सभी जानकारी के अलावा मेडिकल स्टोर पर कार्य करने वाले स्टाफ आदि का ब्यौरा देना होगा। मेडिकल स्टोर संचालक अब 30 नवंबर तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं, पहले इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त थी।
जिले में कुल तीन हजार के आसपास मेडिकल स्टोर हैं। शासन ने सभी दवा विक्रेताओं को फार्मासिस्ट एवं दवा विक्रेता का समस्त डाटा ऑनलाइन करने के निर्देश दिए थे। पूर्व में विभाग ने पंजीकरण कराने की तिथि 31 अगस्त घोषित की थी। इस पर प्रदेश के कुछ औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर फार्मासिस्ट एवं अन्य डाटा को पूरा करने में कुछ समय बढ़वाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसकी तिथि को आगे बढ़ाते हुए 30 नवंबर कर दिया है। अभी तक मेडिकल स्टोरों डाटा ऑनलाइन नहीं था, लेकिन मेडिकल स्टोरों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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डीआई आशुतोष मिश्रा ने बताया कि विभाग के आयुक्त के सख्त निर्देश हैं कि प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोर संचालक ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया को पूरा कराएं। इस अवधि के बाद यदि कोई अपना पंजीकरण नहीं कराता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। शासन का मकसद दवाओं की बिक्री में किसी भी प्रकार की मनमानी को रोकना है।
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