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उठान से पहले ही शुरू हो जाता है कालाबाजारी का खेल
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:13 AM IST
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अमरोहा। सरकारी अनाज के माफिया का नेटवर्क बड़ा है। हर महीने सरकारी अनाज की उठान से पहले ही कालाबाजारी का खेल शुरू हो जाता है। दूसरों शहरों की मंडियों से आर्डर आ जाते हैं। इसके बाद गेहूं ओर चावल की खरीद फरोख्त शुरू हो जाता है। इसके बदले डीलर को एडवांस में भुगतान भी कर दिया जाता है। नौगांवा सादात रोड स्थित एफसीआई गोदाम पर मिले अनाज इस खेल का नमूना है।
मंगलवार की देर शाम डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर सुखबीर सिंह और जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला ने नौगावां सादात रोड स्थित कताई मिल परिसर में बने एफसीआई गोदाम पर छापा मारा था। जहां खड़े ट्रैक्टर ट्राली में चावल और गेहूं भरा जा रहा था। गोदाम में 6 हजार क्विंटल गेहूं और 3500 क्विंटल चावल में पाया गया है। गेहूं और चावल 52 कोटेदारों के बताए जा रहे हैं। 31 जुलाई तक खाद्यान्न वितरण हो जाना चाहिए था। बावजूद इसके रात में खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था। जो कालाबाजारी की ओर इशारा करते है। कालाबाजारी का सारा खेल गोदामों से होता है। गोदाम से ही दूसरे शहर की मंडियों में अनाज की सप्लाई कर दी जाती है।
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मंगलवार की देर शाम डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर सुखबीर सिंह और जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला ने नौगावां सादात रोड स्थित कताई मिल परिसर में बने एफसीआई गोदाम पर छापा मारा था। जहां खड़े ट्रैक्टर ट्राली में चावल और गेहूं भरा जा रहा था। गोदाम में 6 हजार क्विंटल गेहूं और 3500 क्विंटल चावल में पाया गया है। गेहूं और चावल 52 कोटेदारों के बताए जा रहे हैं। 31 जुलाई तक खाद्यान्न वितरण हो जाना चाहिए था। बावजूद इसके रात में खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था। जो कालाबाजारी की ओर इशारा करते है। कालाबाजारी का सारा खेल गोदामों से होता है। गोदाम से ही दूसरे शहर की मंडियों में अनाज की सप्लाई कर दी जाती है।
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