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विद्युत निगम की अंतिम समाधान- भविष्य आसान योजना के प्रति उपभोक्ताओं में कम नजर आ रहा उत्साह
Updated Tue, 08 May 2018 11:45 PM IST
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50 किसानों ने कराए पंजीकरण
धामपुर। विद्युत निगम की ओर से निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए 25 अप्रैल से लागू की गई अंतिम समाधान, भविष्य आसान योजनों में 50 किसानों ने पंजीकरण कराए हैं। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि उनकी ओर से प्रतिदिन गांवों में जाकर योजना का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
धामपुर प्रथम और द्वितीय डिवीजनों को मिलाकर यहां करीब 10 हजार निजी नलकूप उपभोक्ता हैं। सरकार की ओर से 25 अप्रैल से इस योजना को लागू किया गया है, जो 30 जून तक चलेगी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोगों में योजना के प्रति कम उत्साह नजर आ रहा है। इस योजना में सरकार की ओर से केवल एक ही साल के बकाया पर ब्याज पर शत प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
उधर भाकियू के हरिराज सिंह, चेतन सिंह, कविराज सिंह का कहना है कि सरकार इस योजना वर्तमान वित्तीय वर्ष से दो महीने पहले चालू करनी चाहिए थी। अप्रैल में इस योजना के चालू करने की कोई तुक नहीं है। इन दिनों किसानों के पास वैसे ही पैसे का टोटा हो जाता है। चीनी मिल गन्ना डालने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं कर रही है। ऐसे में पह बिजली की बकाया को पहले जमा करें, या बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल कॉलेजों में उनका एडमिशन कराएं।
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धामपुर। विद्युत निगम की ओर से निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए 25 अप्रैल से लागू की गई अंतिम समाधान, भविष्य आसान योजनों में 50 किसानों ने पंजीकरण कराए हैं। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि उनकी ओर से प्रतिदिन गांवों में जाकर योजना का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
धामपुर प्रथम और द्वितीय डिवीजनों को मिलाकर यहां करीब 10 हजार निजी नलकूप उपभोक्ता हैं। सरकार की ओर से 25 अप्रैल से इस योजना को लागू किया गया है, जो 30 जून तक चलेगी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोगों में योजना के प्रति कम उत्साह नजर आ रहा है। इस योजना में सरकार की ओर से केवल एक ही साल के बकाया पर ब्याज पर शत प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
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उधर भाकियू के हरिराज सिंह, चेतन सिंह, कविराज सिंह का कहना है कि सरकार इस योजना वर्तमान वित्तीय वर्ष से दो महीने पहले चालू करनी चाहिए थी। अप्रैल में इस योजना के चालू करने की कोई तुक नहीं है। इन दिनों किसानों के पास वैसे ही पैसे का टोटा हो जाता है। चीनी मिल गन्ना डालने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं कर रही है। ऐसे में पह बिजली की बकाया को पहले जमा करें, या बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल कॉलेजों में उनका एडमिशन कराएं।
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