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Bijnor News: माटीकला को मशीनों की रफ्तार, 14 जिलों के 525 कारीगर सीखेंगे हुनर
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- जिले में तीन मंडलों के चयनित कारीगरों, युवाओं को तकनीकी व कारोबार का दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पारंपरिक कारोबार के कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। तीन मंडलों के 14 जिलों के माटीकला से जुड़े चयनित कारीगरों को पहले तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण देकर विद्युत चालित चाक और पगमिल मशीन के संचालन में दक्ष बनाया जाएगा। बिजनौर में प्रशिक्षण का पहला चरण एक सितंबर से मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र अकबरपुर चौगांवा नजीबाबाद में शुरू होगा, जो तीन सितंबर तक चलेगा।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की माटीकला टूल-किट्स वितरण योजना के तहत मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर मंडल के 14 जिलों के 525 कारीगरों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को निशुल्क आधुनिक उपकरण दिए जाएंगे। बिजनौर जनपद में 53 उद्यमियों को विद्युत चालित चाक और नौ लाभार्थियों को पगमिल मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।
-प्रशिक्षण से बदलेगा कारोबार का तरीका
उपकरण वितरण से पहले होने वाले तीन दिवसीय प्रशिक्षण में कारीगरों को सिर्फ मशीन चलाने की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके बेहतर और सुरक्षित उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कुशल मास्टर ट्रेनर प्रैक्टिकल के माध्यम से चाक और पगमिल मशीन के संचालन, उपयोग और रखरखाव की जानकारी देंगे।
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- कम समय में अधिक उत्पादन, बढ़ेगी आय
अधिकारी के अनुसार विद्युत चालित चाक से चाक चलाने में लगने वाली शारीरिक मेहनत और समय दोनों कम होंगे। इससे कारीगर कम समय में अधिक संख्या में मिट्टी के बर्तन और अन्य उत्पाद तैयार कर सकेंगे। पगमिल मशीन से मिट्टी तैयार करने का काम आसान और तेज होगा।
- तीन दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण
मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र नजीबाबाद के प्राचार्य एसएल अग्रवाल ने बताया कि चयनित लाभार्थियों को एक से तीन सितंबर तक आधुनिक उपकरण संचालन का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में बिजनौर समेत 14 जिलों के 525 कारीगर शामिल रहेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पारंपरिक कारोबार के कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। तीन मंडलों के 14 जिलों के माटीकला से जुड़े चयनित कारीगरों को पहले तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण देकर विद्युत चालित चाक और पगमिल मशीन के संचालन में दक्ष बनाया जाएगा। बिजनौर में प्रशिक्षण का पहला चरण एक सितंबर से मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र अकबरपुर चौगांवा नजीबाबाद में शुरू होगा, जो तीन सितंबर तक चलेगा।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की माटीकला टूल-किट्स वितरण योजना के तहत मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर मंडल के 14 जिलों के 525 कारीगरों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को निशुल्क आधुनिक उपकरण दिए जाएंगे। बिजनौर जनपद में 53 उद्यमियों को विद्युत चालित चाक और नौ लाभार्थियों को पगमिल मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।
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-प्रशिक्षण से बदलेगा कारोबार का तरीका
उपकरण वितरण से पहले होने वाले तीन दिवसीय प्रशिक्षण में कारीगरों को सिर्फ मशीन चलाने की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके बेहतर और सुरक्षित उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कुशल मास्टर ट्रेनर प्रैक्टिकल के माध्यम से चाक और पगमिल मशीन के संचालन, उपयोग और रखरखाव की जानकारी देंगे।
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- कम समय में अधिक उत्पादन, बढ़ेगी आय
अधिकारी के अनुसार विद्युत चालित चाक से चाक चलाने में लगने वाली शारीरिक मेहनत और समय दोनों कम होंगे। इससे कारीगर कम समय में अधिक संख्या में मिट्टी के बर्तन और अन्य उत्पाद तैयार कर सकेंगे। पगमिल मशीन से मिट्टी तैयार करने का काम आसान और तेज होगा।
- तीन दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण
मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र नजीबाबाद के प्राचार्य एसएल अग्रवाल ने बताया कि चयनित लाभार्थियों को एक से तीन सितंबर तक आधुनिक उपकरण संचालन का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में बिजनौर समेत 14 जिलों के 525 कारीगर शामिल रहेंगे।