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कलक्ट्रेट से रिकार्ड गायब होने में अफसरो का दोहरा चेहरा
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:57 PM IST
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दो लिपिक सस्पेंड, बाकी पर कार्रवाई नहीं
बिजनौर। एक माह पूर्व शस्त्र लिपिक की अलमारी से ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों से भी रिकॉर्ड गायब मिला था। शस्त्र लिपिक और उनके सहायक को तो सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन अन्य विभागों में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में असंतोष पनप रहा है।
कलक्ट्रेट में शस्त्र लिपिक की अलमारी से 20 दिन पहले आठ थानों का रिकॉर्ड गायब मिला था। जांच के बाद सुधीर शर्मा और सहायक लिपिक राजवीर सिंह को सस्पेंड किया गया। जबकि साहूकारा लिपिक अब्दुल मजीद व इंग्लिश रिकॉर्ड कीपर तरुणा गुप्ता के कार्यालय से भी कई बस्ते गायब पाए गए थे। इस बारे में सुधीर गुप्ता, राजवीर सिंह अब्दुल मजीद, तरुणा गुप्ता के अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजयपाल सिंह, प्रशासनिक अधिकारी मुनीश चंद भटनागर प्रभारी अधिकारी आर्म्स ने डीएम को लिखकर दिया था। कहा था कि चोरी हुए अभिलेख व बस्ते चपरासी राजबहादुर के पुत्र नवीन को ले जाते सिलिंग अनुभाग के चपरासी कृष्ण कुमार ने देखा है। राजबहादुर ने ईआरके को चोरी हुआ एक बस्ता वापस भी कर दिया है। इसके बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब कर्मचारियों में इस बात को लेकर असंतोष है कि जब दो लिपिकों को सस्पेंड किया तो अब्दुल मजीद, तरुण गुप्ता, चपरासी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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बिजनौर। एक माह पूर्व शस्त्र लिपिक की अलमारी से ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों से भी रिकॉर्ड गायब मिला था। शस्त्र लिपिक और उनके सहायक को तो सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन अन्य विभागों में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में असंतोष पनप रहा है।
कलक्ट्रेट में शस्त्र लिपिक की अलमारी से 20 दिन पहले आठ थानों का रिकॉर्ड गायब मिला था। जांच के बाद सुधीर शर्मा और सहायक लिपिक राजवीर सिंह को सस्पेंड किया गया। जबकि साहूकारा लिपिक अब्दुल मजीद व इंग्लिश रिकॉर्ड कीपर तरुणा गुप्ता के कार्यालय से भी कई बस्ते गायब पाए गए थे। इस बारे में सुधीर गुप्ता, राजवीर सिंह अब्दुल मजीद, तरुणा गुप्ता के अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजयपाल सिंह, प्रशासनिक अधिकारी मुनीश चंद भटनागर प्रभारी अधिकारी आर्म्स ने डीएम को लिखकर दिया था। कहा था कि चोरी हुए अभिलेख व बस्ते चपरासी राजबहादुर के पुत्र नवीन को ले जाते सिलिंग अनुभाग के चपरासी कृष्ण कुमार ने देखा है। राजबहादुर ने ईआरके को चोरी हुआ एक बस्ता वापस भी कर दिया है। इसके बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब कर्मचारियों में इस बात को लेकर असंतोष है कि जब दो लिपिकों को सस्पेंड किया तो अब्दुल मजीद, तरुण गुप्ता, चपरासी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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