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ुख्ता इंतजाम रहेंगे बोड़ॱर परीक्षा में
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:18 AM IST
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बिजनौर। शासन बोर्ड परीक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में लगा है। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगने जरूरी हैं। आग से बचाव के संयंत्र लगे हों। बिना आधार कार्ड के परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे सकता है। परीक्षा के दौरान कैमरे बंद मिले तो केंद्र व्यवस्थापक निलंबन होंगे। डीआईओएस द्वारा जारी परिचय पत्र ही परीक्षा के दौरान प्रवेश के लिए मान्य होगा। डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को हिदायत दी है कि यदि कहीं चूक हुई तो कोई बक्शा नहीं जाएगा।
जिले के बोर्ड परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्य की बैठक बृहस्पतिवार को जीजीआईसी में हुई। डीआईओएस राजेश कुमार ने शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में प्रधानाचार्यों से बिंदुवार जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि शासन बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए कटिबद्ध है। शासन से बोर्ड परीक्षा के बारे में निर्देश प्रधानाचार्योँ को भेज दिए हैं। प्रधानाचार्य उनका अच्छी तरह अध्ययन कर लें, जो विद्यालय पहली बार परीक्षा केंद्र बने हैं उनके प्रधानाचार्य हर बात को डीआईओएस दफ्तर आकर स्पष्ट कर लें। सिटिंग प्लान मिश्रित हों। कुछ प्रधानाचार्य द्वारा परीक्षार्थियों के बैठाने में पक्षपात बरतने के आरोप है। विद्यालय सीसीटीवी कैमरे तो लगवा लेते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान कैमरे चलते नहीं मिलते हैं। इसकी पुनरावृत्ति कतई नहीं होनी चाहिए। छात्र को केंद्र पर प्रवेश व पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ आधार कार्ड लाना जरूरी है। डॉ. राजकुमार त्यागी , विनेश त्यागी, राजुल त्यागी मौजूद रहे।
कॉलेज प्रबंधकों पर कसा शिकंजा
डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन ने बोर्ड परीक्षा में विद्यालय के प्रबंधकों पर शिकंजा कस दिया है। विद्यालयों के प्रबंधक बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र से 200 मीटर दूर रहेंगे। प्रबंधक किसी तरह का बहाना बनाकर परीक्षा के दौरान स्कूल में नहीं आएंगे। दिव्यांग परीक्षार्थी के लिए स्वकेंद्र व्यवस्था लागू है। निरीक्षण के लिए गए अधिकारी व टीम सदस्यों के साथ बदसलूकी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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जिले के बोर्ड परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्य की बैठक बृहस्पतिवार को जीजीआईसी में हुई। डीआईओएस राजेश कुमार ने शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में प्रधानाचार्यों से बिंदुवार जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि शासन बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए कटिबद्ध है। शासन से बोर्ड परीक्षा के बारे में निर्देश प्रधानाचार्योँ को भेज दिए हैं। प्रधानाचार्य उनका अच्छी तरह अध्ययन कर लें, जो विद्यालय पहली बार परीक्षा केंद्र बने हैं उनके प्रधानाचार्य हर बात को डीआईओएस दफ्तर आकर स्पष्ट कर लें। सिटिंग प्लान मिश्रित हों। कुछ प्रधानाचार्य द्वारा परीक्षार्थियों के बैठाने में पक्षपात बरतने के आरोप है। विद्यालय सीसीटीवी कैमरे तो लगवा लेते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान कैमरे चलते नहीं मिलते हैं। इसकी पुनरावृत्ति कतई नहीं होनी चाहिए। छात्र को केंद्र पर प्रवेश व पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ आधार कार्ड लाना जरूरी है। डॉ. राजकुमार त्यागी , विनेश त्यागी, राजुल त्यागी मौजूद रहे।
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कॉलेज प्रबंधकों पर कसा शिकंजा
डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन ने बोर्ड परीक्षा में विद्यालय के प्रबंधकों पर शिकंजा कस दिया है। विद्यालयों के प्रबंधक बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र से 200 मीटर दूर रहेंगे। प्रबंधक किसी तरह का बहाना बनाकर परीक्षा के दौरान स्कूल में नहीं आएंगे। दिव्यांग परीक्षार्थी के लिए स्वकेंद्र व्यवस्था लागू है। निरीक्षण के लिए गए अधिकारी व टीम सदस्यों के साथ बदसलूकी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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