इमाम हुसैन की शहादत को किया याद

Meerut Bureau Updated Fri, 10 Nov 2017 11:59 PM IST
इंसानियत के लिए दी हुसैन ने कुर्बानी
बिजनौर। नवासा ए रसूल इमाम हुसैन के चेहल्लुम की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना निहाल हैदर आब्दी ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी एक ऐसा आकर्षण रखती है, जो लोगों को अपनी ओर खींचती है।
मोहल्ला बुखारा स्थित इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस में उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी किसी जाति या धर्म के लिए नहीं बल्कि तमाम इंसानियत के लिए थी। इमाम हुसैन ने दुनिया को बताया कि किस तरह जिंदगी गुजारनी चाहिए। इमाम हुसैन ने सिखाया कि जुल्म के सामने अपना सर झुकाने से अच्छा सर कटाना है। 1400 साल का समय गुजर जाने के बाद भी आज भी दुनिया इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करके उस पर आंसू बहाती है। मजलिस के बाद अंजुमन सरकारे हुसैनी द्वारा मातमी जुलूस निकाला गया।
जुलूस सीनाजनी और नोहाख्वानी करता हुआ करबला पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस का नेतृत्व हसन जाफर, मोहम्मद अफरोज, मुजाहिद हसन मोहसिन रजा ने किया। कार्यक्रम मुतवल्ली तनवीर रजा की देखरेख में आयोजित हुआ। मजलिस की मरसिया ख्वानी शबीउल हसन व अख्तर हसन, संचालन ताहिर हसन, नोहा ख्वानी कामरान, सलमान, हसनैन रजा, मोहम्मद मेहंदी, जाफर अब्बास ने की।

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