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आधार नंबर लिंक कर खाद्यान्न निकालने में 76 दुकान निरस्त
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76 राशन की दुकानों को किया गया निरस्त
बिजनौर। एक ही आधार नंबर को कई राशन कार्ड से लिंक कर खाद्यान्न निकालने के मामले में शासन के आदेश के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। इस घोटाले में शामिल 79 में से 76 दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। बची तीन दुकानों में किन्हीं मामलों में कोर्ट में मामले विचाराधीन हैं। इन दुकानों के उपभोक्ता पहले से ही बाकी दुकानों से अटैच हैं।
शहरों में राशन बांटने के लिए आधान नंबर अनिवार्य किया गया है। हर राशन कार्ड से परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक किए गए हैं। ऐसे राशन कार्ड से अंगूठे का निशान पोस मशीन से लगाकर ही राशन निकाला जा सकता है। परिवार का कोई भी सदस्य जिसका आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक है अपने अंगूठे के निशान से राशन ले सकता है। राशन वितरण में होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था की थी, लेकिन राशन वितरण में धांधली करने के लिए राशन डीलरों ने भी तरीका ढूंढ ही लिया था। राशन डीलरों ने एक ही आधार नंबर को कई-कई राशन कार्ड से लिंक कर लिए। राशन कार्ड धारक ने अंगूठे का निशान पोस मशीन पर लगाकर हर लिंक किए गए राशन कार्ड से राशन निकालते रहे। यह मामला पकड़ में आने पर शासन तक में हड़कंप मच गया था। सूबे में 43 जिलों में यह घोटाला सामने आया था। जिले में 79 दुकानों में यह घोटाला सामने आया था। घोटाला सामने आने के बाद जांच में दोषी पाई गई दुकानों को सस्पेंड कर दिया गया था। राशन डीलर व कई राशन कार्ड से आधार नंबर लिंक कराने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन दुकानों के उपभोक्ताओं को दूसरी दुकानों से अटैच कर दिया गया था। अब शासन के आदेश पर इन दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। 79 में से 76 दुकानों को निरस्त किया गया है। तीन दुकानों के खिलाफ पहले से ही कुछ मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इन दुकानों को अभी निरस्त नहीं किया गया है। कोर्ट से आदेश आने के बाद इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
20 आधार लिंक किए हजारों राशन कार्ड से
जिले में केवल 20 आधार नंबर आठ हजार 800 से ज्यादा राशन कार्डों से लिंक किए गए थे। चांदपुर में पूर्ति विभाग के ऑपरेटर भी इस घोटाले में संलिप्त पाए गए थे। अब इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है। इस मामले में कई राशन डीलरों को जेल भी भेजा गया है।
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करें शिकायत
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार आधार नंबर कई खातों से लिंक कर अनाज निकालने वाली दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। बिना धांधली के राशन बंटवाया जा रहा है। अगर किसी दुकान पर किसी भी तरह की धांधली की शिकायत है तो उपभोक्ता उनसे कार्यालय में मिल सकते हैं।
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बिजनौर। एक ही आधार नंबर को कई राशन कार्ड से लिंक कर खाद्यान्न निकालने के मामले में शासन के आदेश के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। इस घोटाले में शामिल 79 में से 76 दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। बची तीन दुकानों में किन्हीं मामलों में कोर्ट में मामले विचाराधीन हैं। इन दुकानों के उपभोक्ता पहले से ही बाकी दुकानों से अटैच हैं।
शहरों में राशन बांटने के लिए आधान नंबर अनिवार्य किया गया है। हर राशन कार्ड से परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक किए गए हैं। ऐसे राशन कार्ड से अंगूठे का निशान पोस मशीन से लगाकर ही राशन निकाला जा सकता है। परिवार का कोई भी सदस्य जिसका आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक है अपने अंगूठे के निशान से राशन ले सकता है। राशन वितरण में होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था की थी, लेकिन राशन वितरण में धांधली करने के लिए राशन डीलरों ने भी तरीका ढूंढ ही लिया था। राशन डीलरों ने एक ही आधार नंबर को कई-कई राशन कार्ड से लिंक कर लिए। राशन कार्ड धारक ने अंगूठे का निशान पोस मशीन पर लगाकर हर लिंक किए गए राशन कार्ड से राशन निकालते रहे। यह मामला पकड़ में आने पर शासन तक में हड़कंप मच गया था। सूबे में 43 जिलों में यह घोटाला सामने आया था। जिले में 79 दुकानों में यह घोटाला सामने आया था। घोटाला सामने आने के बाद जांच में दोषी पाई गई दुकानों को सस्पेंड कर दिया गया था। राशन डीलर व कई राशन कार्ड से आधार नंबर लिंक कराने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन दुकानों के उपभोक्ताओं को दूसरी दुकानों से अटैच कर दिया गया था। अब शासन के आदेश पर इन दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। 79 में से 76 दुकानों को निरस्त किया गया है। तीन दुकानों के खिलाफ पहले से ही कुछ मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इन दुकानों को अभी निरस्त नहीं किया गया है। कोर्ट से आदेश आने के बाद इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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20 आधार लिंक किए हजारों राशन कार्ड से
जिले में केवल 20 आधार नंबर आठ हजार 800 से ज्यादा राशन कार्डों से लिंक किए गए थे। चांदपुर में पूर्ति विभाग के ऑपरेटर भी इस घोटाले में संलिप्त पाए गए थे। अब इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है। इस मामले में कई राशन डीलरों को जेल भी भेजा गया है।
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करें शिकायत
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार आधार नंबर कई खातों से लिंक कर अनाज निकालने वाली दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। बिना धांधली के राशन बंटवाया जा रहा है। अगर किसी दुकान पर किसी भी तरह की धांधली की शिकायत है तो उपभोक्ता उनसे कार्यालय में मिल सकते हैं।