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मीट की दुकानों पर छापे
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बिजनौर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले में नौ मीट की दुकानों पर छापे मारे। विक्रेताओं के क्रय बिलों को कब्जे लेकर एक माह के अंदर स्लाटर हाउसों से खरीदे गए मांस के बिल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इससे मीट व्यापारियों में हड़कंप मच रहा।
बुधवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने धामपुर के मोहल्ला बंदूकचियान स्थित आयान मीट शॉप, सुहेल मीट शॉप, सोनू मीट शॉप, अमजद मीट शॉप, नजीबाबाद के जाब्तागंज स्थित खुर्शीद मीट शॉप, मुकीम मीट शॉप, जलालाबाद स्थित निसार मीट शॅप, किरतपुर के मोहल्ला काजियान स्थित सुलेमान मीट शॉप पर छापे मारे। इससे अन्य व्यापारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने इन दुकानों से जांच के लिए बिल कब्जे में लिए। साथ ही पिछले एक माह में स्लाटर हाउस से क्रय किए गए मांस के बिलों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय पर क्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार जनपद में वर्तमान में एक भी स्लाटर हाउस क्रियाशील नहीं है। जांच में मिले जनपद मुजफ्फरनगर के मैसर्स खतौली फूड्स कंपनी, बरेली के अली बाबा ट्रेडर्स, मुरादाबाद के मैसर्स जुबिया हाइड ट्रेडर्स, बिजनौर के मैसर्स नगीना फूड, किरतपुर के अलशिरोज एग्रो फूडस, बिजनौर के अल शिरोज, चांदपुर के एमएस फूडस के (भैंस का मीट) सप्लायरों के बिल की गहन जांच की जा रही है। बताया कि अगर जांच में सिद्ध होता है कि मांस किसी वैध संचालित स्लाटर हाउस से नहीं खरीदा गया है तो संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फुटकर मीट की दुकानों पर केवल वही मीट बिकने दिया जाएगा जो वैध स्लाटर हाउस के बिल पर लाया जाएगा।
टीम में अभिहीत अधिकारी पंकज कुमार, यज्ञदत्त आर्य, हितेंद्रपाल सिंह, जितेंद्र कुमार, मोहित कुमार, रामवीर सिंह, तेजबहादुर सिंह आदि शामिल रहे।
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बुधवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने धामपुर के मोहल्ला बंदूकचियान स्थित आयान मीट शॉप, सुहेल मीट शॉप, सोनू मीट शॉप, अमजद मीट शॉप, नजीबाबाद के जाब्तागंज स्थित खुर्शीद मीट शॉप, मुकीम मीट शॉप, जलालाबाद स्थित निसार मीट शॅप, किरतपुर के मोहल्ला काजियान स्थित सुलेमान मीट शॉप पर छापे मारे। इससे अन्य व्यापारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने इन दुकानों से जांच के लिए बिल कब्जे में लिए। साथ ही पिछले एक माह में स्लाटर हाउस से क्रय किए गए मांस के बिलों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय पर क्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार जनपद में वर्तमान में एक भी स्लाटर हाउस क्रियाशील नहीं है। जांच में मिले जनपद मुजफ्फरनगर के मैसर्स खतौली फूड्स कंपनी, बरेली के अली बाबा ट्रेडर्स, मुरादाबाद के मैसर्स जुबिया हाइड ट्रेडर्स, बिजनौर के मैसर्स नगीना फूड, किरतपुर के अलशिरोज एग्रो फूडस, बिजनौर के अल शिरोज, चांदपुर के एमएस फूडस के (भैंस का मीट) सप्लायरों के बिल की गहन जांच की जा रही है। बताया कि अगर जांच में सिद्ध होता है कि मांस किसी वैध संचालित स्लाटर हाउस से नहीं खरीदा गया है तो संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फुटकर मीट की दुकानों पर केवल वही मीट बिकने दिया जाएगा जो वैध स्लाटर हाउस के बिल पर लाया जाएगा।
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टीम में अभिहीत अधिकारी पंकज कुमार, यज्ञदत्त आर्य, हितेंद्रपाल सिंह, जितेंद्र कुमार, मोहित कुमार, रामवीर सिंह, तेजबहादुर सिंह आदि शामिल रहे।