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सीएम के बयान से वितविहीन शिक्षकों में उबाल, आंदोलन को चेताया
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:29 AM IST
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सीएम के बयान से वित्तविहीन शिक्षकों में उबाल
अमर उजाला ब्यूरो
धामपुर। उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षकों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस के मौके पर वित्तविहीन शिक्षकों केे अयोग्य करार देने पर उबाल है। शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर आंदोलन का एलान किया है।
उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम कुमार चौहान ने कहा कि प्रदेश में संचालित अधिकांश वित्तविहीन स्कूल हैं। यदि इन स्कूलों के शिक्षक सरकार से नौकरी मांग रहे हैं, तो वह इसमें क्या गलत कर रहे हैं। जब पुरानी सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय शुरू कर दिया था, तो भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इसे बंद कर दिया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पार्टी की सभाओं में खुले मंच से वित्तविहीन शिक्षकों की वकालत कर रहे हैं। उन्हें पूर्ण कालिक शिक्षक बनाने को नई नियमावली बना उनकी समस्या का निदान कराने का भरोसा दे रहे हैं। मंडलीय अध्यक्ष राजेश कश्यप ने कहा कि सीएम का बयान शिक्षकों के आत्मबल पर आघात करने वाला है। यदि सीएम को प्रदेश में वास्तव में योग्य शिक्षकों का पता लगाना है तो वह समूचे प्रदेश के सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त और राजकीय कॉलेजों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, शिक्षकों की एक साथ परीक्षा करा लें, उन्हें सच्चाई का पता लग जाएगा। मंडलीय प्रवक्ता सुशील कुमार, पवन कुमार, जयवीर सिंह, मनोज कुमार, राजीव कुमार, रवेंद्र कुमार ने भी मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की।
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अमर उजाला ब्यूरो
धामपुर। उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षकों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस के मौके पर वित्तविहीन शिक्षकों केे अयोग्य करार देने पर उबाल है। शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर आंदोलन का एलान किया है।
उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम कुमार चौहान ने कहा कि प्रदेश में संचालित अधिकांश वित्तविहीन स्कूल हैं। यदि इन स्कूलों के शिक्षक सरकार से नौकरी मांग रहे हैं, तो वह इसमें क्या गलत कर रहे हैं। जब पुरानी सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय शुरू कर दिया था, तो भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इसे बंद कर दिया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पार्टी की सभाओं में खुले मंच से वित्तविहीन शिक्षकों की वकालत कर रहे हैं। उन्हें पूर्ण कालिक शिक्षक बनाने को नई नियमावली बना उनकी समस्या का निदान कराने का भरोसा दे रहे हैं। मंडलीय अध्यक्ष राजेश कश्यप ने कहा कि सीएम का बयान शिक्षकों के आत्मबल पर आघात करने वाला है। यदि सीएम को प्रदेश में वास्तव में योग्य शिक्षकों का पता लगाना है तो वह समूचे प्रदेश के सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त और राजकीय कॉलेजों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, शिक्षकों की एक साथ परीक्षा करा लें, उन्हें सच्चाई का पता लग जाएगा। मंडलीय प्रवक्ता सुशील कुमार, पवन कुमार, जयवीर सिंह, मनोज कुमार, राजीव कुमार, रवेंद्र कुमार ने भी मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की।
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