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गैर राज्यो से ला रहे है शराब का जखीरा
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:16 AM IST
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जिले में धड़ल्ले से बिक रही गैर राज्यों की शराब
बिजनौर। जिले में शराब माफिया बेलगाम हो गए हैं, उन्हें पुलिस और आबकारी विभाग का जरा भी डर नहीं है। माफिया बेखौफ होकर धड़ल्ले से गैर राज्यों से शराब लाकर जिले में बेच रहे हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने करीब 30 माफिया चिह्नित किए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
आबकारी विभाग ने 30 शराब माफिया चिह्नित किए हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो जिले में 100 से ज्यादा शराब माफिया सक्रिय हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से शराब माफिया का खूब खेल चल रहा है। दिन रात शराब माफिया गैर राज्य की शराब अपने ठिकानों पर उतारने में जुटे हैं। कई शराब माफिया तो अब पुलिस वालों के साथ भी घुले मिले नजर आने लगे हैं। कई माफिया को सत्तापक्ष के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। पर्दे के पीछे से ये नेता शराब माफिया को मदद भी कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि चड्ढा ग्रुप की जगह नए लोगों को शराब की दुकान आवंटित होने से भी शराब माफिया सक्रिय हुए हैं। चड्ढा ग्रुप ने शराब माफिया को दबोचने के लिए अपनी अलग से टीम बना रखी थी। ग्रुप खुद आबकारी विभाग और पुलिस को अपनी गाड़ी देता था। लेकिन अब किसी को भी शराब माफिया पर शिकंजा कसने की फुर्सत नहीं है। संसाधनों के अभाव में आबकारी विभाग शराब माफिया पर लगाम नहीं कस पा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार भी मानते हैं कि चड्ढा ग्रुप के बाद कोई भी माफिया पर शिकंजा कसने के लिए सक्रिय नहीं हो रहा है।
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नहीं होने देंगे शराब की अवैध तस्करी : राजेंद्र कुमार
जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक जहां शराब की तस्करी का पता चलता है। पुलिस के साथ विभाग की टीम भी दौड़ रही है। विभाग की टीम शराब माफिया को तलाश रही है। तमाम शराब माफिया को चिह्नित कर रखा है। जिले में शराब की अवैध तस्करी नहीं होने दी जाएगी।
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बिजनौर। जिले में शराब माफिया बेलगाम हो गए हैं, उन्हें पुलिस और आबकारी विभाग का जरा भी डर नहीं है। माफिया बेखौफ होकर धड़ल्ले से गैर राज्यों से शराब लाकर जिले में बेच रहे हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने करीब 30 माफिया चिह्नित किए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
आबकारी विभाग ने 30 शराब माफिया चिह्नित किए हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो जिले में 100 से ज्यादा शराब माफिया सक्रिय हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से शराब माफिया का खूब खेल चल रहा है। दिन रात शराब माफिया गैर राज्य की शराब अपने ठिकानों पर उतारने में जुटे हैं। कई शराब माफिया तो अब पुलिस वालों के साथ भी घुले मिले नजर आने लगे हैं। कई माफिया को सत्तापक्ष के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। पर्दे के पीछे से ये नेता शराब माफिया को मदद भी कर रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि चड्ढा ग्रुप की जगह नए लोगों को शराब की दुकान आवंटित होने से भी शराब माफिया सक्रिय हुए हैं। चड्ढा ग्रुप ने शराब माफिया को दबोचने के लिए अपनी अलग से टीम बना रखी थी। ग्रुप खुद आबकारी विभाग और पुलिस को अपनी गाड़ी देता था। लेकिन अब किसी को भी शराब माफिया पर शिकंजा कसने की फुर्सत नहीं है। संसाधनों के अभाव में आबकारी विभाग शराब माफिया पर लगाम नहीं कस पा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार भी मानते हैं कि चड्ढा ग्रुप के बाद कोई भी माफिया पर शिकंजा कसने के लिए सक्रिय नहीं हो रहा है।
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नहीं होने देंगे शराब की अवैध तस्करी : राजेंद्र कुमार
जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक जहां शराब की तस्करी का पता चलता है। पुलिस के साथ विभाग की टीम भी दौड़ रही है। विभाग की टीम शराब माफिया को तलाश रही है। तमाम शराब माफिया को चिह्नित कर रखा है। जिले में शराब की अवैध तस्करी नहीं होने दी जाएगी।