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आज से शुरू होगा टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:30 AM IST
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टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान आज से
बिजनौर। जिले में टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के लिए सोमवार को जागरूकता रैली निकाली गई। 26 दिसंबर से जिलेभर में अभियान शुरू होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की 202 टीम घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को चिह्नित करेंगी। कार्यक्रम में जिले के करीब एक लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने नगर में बाइक रैली निकालकर टीबी के प्रति जागरूक किया। इस दौरान नगरवासियों को पम्फलेट बांटे गए। जिला क्षय अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने टीबी अस्पताल से रैली को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने नगर के मुख्य चौराहों पर रुककर लोगों को जागरूक किया। अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 202 टीमों में 606 कर्मचारी, स्वयंसेवी कार्यकर्ता कार्य करेंगे।
टीमों की निगरानी के लिए 40 पर्यवेक्षक, 14 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। डीटीओ ने बताया कि टीबी की बीमारी देश में तेजी से फैल रही है। इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि इसमें ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है जो घनी आबादी, निर्माणाधीन भवन आदि में रहते हैं। रैली में नुकुल कुमार, अरविंद कुमार, अंकित चौधरी, प्रयास, मोहम्मद राशिद, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
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अभियान के दौरान कैसे होगी टीबी की जांच
डीटीओ डॉ. बीएस रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को अगर किसी में टीबी के लक्षण मिलते हैं तो उनका बलगम जांच के लिए जांच केंद्र भेजा जाएगा। अगर टीबी पॉजिटिव पाया जाता है तो उसका मुफ्त उपचार कराया जाएगा।
टीबी के लक्षण
- लगातार दो सप्ताह तक से खांसी होना, सीने में दर्द रहना
- बलगम आना, बलगम के साथ खून आना
- शाम के समय बुखार रहना, भूख में कमी
- वजन में गिरावट, कमजोरी और थकान होना
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बिजनौर। जिले में टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के लिए सोमवार को जागरूकता रैली निकाली गई। 26 दिसंबर से जिलेभर में अभियान शुरू होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की 202 टीम घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को चिह्नित करेंगी। कार्यक्रम में जिले के करीब एक लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने नगर में बाइक रैली निकालकर टीबी के प्रति जागरूक किया। इस दौरान नगरवासियों को पम्फलेट बांटे गए। जिला क्षय अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने टीबी अस्पताल से रैली को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने नगर के मुख्य चौराहों पर रुककर लोगों को जागरूक किया। अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 202 टीमों में 606 कर्मचारी, स्वयंसेवी कार्यकर्ता कार्य करेंगे।
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टीमों की निगरानी के लिए 40 पर्यवेक्षक, 14 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। डीटीओ ने बताया कि टीबी की बीमारी देश में तेजी से फैल रही है। इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि इसमें ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है जो घनी आबादी, निर्माणाधीन भवन आदि में रहते हैं। रैली में नुकुल कुमार, अरविंद कुमार, अंकित चौधरी, प्रयास, मोहम्मद राशिद, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
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अभियान के दौरान कैसे होगी टीबी की जांच
डीटीओ डॉ. बीएस रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को अगर किसी में टीबी के लक्षण मिलते हैं तो उनका बलगम जांच के लिए जांच केंद्र भेजा जाएगा। अगर टीबी पॉजिटिव पाया जाता है तो उसका मुफ्त उपचार कराया जाएगा।
टीबी के लक्षण
- लगातार दो सप्ताह तक से खांसी होना, सीने में दर्द रहना
- बलगम आना, बलगम के साथ खून आना
- शाम के समय बुखार रहना, भूख में कमी
- वजन में गिरावट, कमजोरी और थकान होना