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पंचवटी वाटिका का पौधारोपण कर सकते है मुख्यमंत्री
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:43 AM IST
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पंचवटी वाटिका में पौधरोपण करेंगे मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक जुलाई को बिजनौर में दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान मुख्यमंत्री पंचवटी वाटिका का पौधरोपण करेंगे। वन विभाग इसके लिए तैयारियों में जुट गया है।
एक जुलाई को वन विभाग वन महोत्सव का शुभारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक जुलाई को जिले में आना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री वन महोत्सव का शुभारंभ कर सकते हैं। वन विभाग ने इसके लिए पंचवटी वाटिका का चयन किया है। पंचवटी वाटिका में पीपल, बेल, वट, आंवला और अशोक के वृक्ष शामिल होते हैं। इनकी स्थापना अलग-अलग दिशाओं में होती है। पीपल पूर्व दिशा में, बेल उत्तर दिशा में, वट पश्चिम दिशा में, आंवला दक्षिण दिशा में रोपित किया जाता है। प्राचीन समय में ऋषि-मुनि तपस्या करने के लिए पंचवटी वाटिका लगाते थे। पौधे लगाने के पांच साल के बाद इनके बीच में चार हाथ ऊंचाई की सुंदर वेदी की स्थापना तपस्या के लिए करनी चाहिए। सनातन धर्म में यह प्रक्रिया अनंत पुण्यों और तपस्या का फल देने वाली मानी जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सात्विक स्वभाव को देखते हुए प्रशासन पंचवटी वाटिका के अनुसार पौधारोपण कराने की योजना बना रहा है। इसके लिए गंगा बैराज घाट पर भूमि का चयन किया जा रहा है। डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने मुख्यमंत्री के आने पर पंचवटी वाटिका के अनुसार पौधरोपण कराने की योजना बनाने की पुष्टि की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक जुलाई को बिजनौर में दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान मुख्यमंत्री पंचवटी वाटिका का पौधरोपण करेंगे। वन विभाग इसके लिए तैयारियों में जुट गया है।
एक जुलाई को वन विभाग वन महोत्सव का शुभारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक जुलाई को जिले में आना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री वन महोत्सव का शुभारंभ कर सकते हैं। वन विभाग ने इसके लिए पंचवटी वाटिका का चयन किया है। पंचवटी वाटिका में पीपल, बेल, वट, आंवला और अशोक के वृक्ष शामिल होते हैं। इनकी स्थापना अलग-अलग दिशाओं में होती है। पीपल पूर्व दिशा में, बेल उत्तर दिशा में, वट पश्चिम दिशा में, आंवला दक्षिण दिशा में रोपित किया जाता है। प्राचीन समय में ऋषि-मुनि तपस्या करने के लिए पंचवटी वाटिका लगाते थे। पौधे लगाने के पांच साल के बाद इनके बीच में चार हाथ ऊंचाई की सुंदर वेदी की स्थापना तपस्या के लिए करनी चाहिए। सनातन धर्म में यह प्रक्रिया अनंत पुण्यों और तपस्या का फल देने वाली मानी जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सात्विक स्वभाव को देखते हुए प्रशासन पंचवटी वाटिका के अनुसार पौधारोपण कराने की योजना बना रहा है। इसके लिए गंगा बैराज घाट पर भूमि का चयन किया जा रहा है। डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने मुख्यमंत्री के आने पर पंचवटी वाटिका के अनुसार पौधरोपण कराने की योजना बनाने की पुष्टि की है।
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