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गंगा में डूबे जो नहीं मिले उनकी भी कर दी आरष्टी
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:29 AM IST
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गंगा में डूबे जो नहीं मिले उनकी भी कर दी अंत्येष्टि
बिजनौर। मंडावर क्षेत्र में करीब दस दिन पहले नाव पलटने से गंगा में डूबकर मरी महिलाओं की सोमवार को गांव डेबलगढ़ में अंत्येष्टि कर दी गई। परिजनों ने उन महिलाओं की भी अंत्येष्टि कर दी, जिनके शव नहीं मिले हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो नहीं मिले, उनके जिंदा मिलने की अब कोई उम्मीद नहीं है।
24 अगस्त को मंडावर क्षेत्र के गांव चौहड़वाला में नाव गंगा में पलटने से उसमें सवार 28 लोग डूब गए थे। इनमें से 17 को सकुशल बचा लिया गया था। चार महिलाओं नगिनी, मीना, सिया, प्रवेश के गंगा से शव बरामद हो गए हैं। वेदपाल की पत्नी कुसुम, अमीन की पत्नी अनीता, शूरवीर की पत्नी सुनीता, साहब सिंह की पत्नी सरस्वती, इकरामुद्दीन की पुत्री फिरोजा, नरदेव की पत्नी कविता का अभी तक कोई सुराग नहीं है। इनकी गंगा में अब भी तलाश की जा रही है। प्रशासन 27 लोगों के गंगा में डूबने की बात कह रहा था, लेकिन गांव के लोग 28 बता रहे थे। एक व्यक्ति कौन है, यह गांव वालों को भी नहीं पता है।
सोमवार को गांव डेबलगढ़ में गंगा में डूबे लोगों की ग्रामीणों की ओर से सामूहिक अंत्येष्टि की गई। इसमें पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, बसपा नेता जितेंद्र सागर, भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह, क्षत्रिय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, भाकियू के कई नेता शामिल रहे। रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी के मुताबिक फिरोजा को छोड़कर गांव में जिन चार महिलाओं के शव मिले थे, उन समेत गंगा में डूबे सभी दस महिलाओं की अंत्येष्टि कर दी गई है। जिन महिलाओं के शव मिले थे, अंत्येष्टि स्थल पर उनके फोटो पर श्रद्धांजलि दी गई। गांव वालों के मुताबिक जो महिलाएं गंगा में डूबी हैं, उनके जिंदा मिलने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए उनकी भी अंत्येष्टि की गई है।
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बिजनौर। मंडावर क्षेत्र में करीब दस दिन पहले नाव पलटने से गंगा में डूबकर मरी महिलाओं की सोमवार को गांव डेबलगढ़ में अंत्येष्टि कर दी गई। परिजनों ने उन महिलाओं की भी अंत्येष्टि कर दी, जिनके शव नहीं मिले हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो नहीं मिले, उनके जिंदा मिलने की अब कोई उम्मीद नहीं है।
24 अगस्त को मंडावर क्षेत्र के गांव चौहड़वाला में नाव गंगा में पलटने से उसमें सवार 28 लोग डूब गए थे। इनमें से 17 को सकुशल बचा लिया गया था। चार महिलाओं नगिनी, मीना, सिया, प्रवेश के गंगा से शव बरामद हो गए हैं। वेदपाल की पत्नी कुसुम, अमीन की पत्नी अनीता, शूरवीर की पत्नी सुनीता, साहब सिंह की पत्नी सरस्वती, इकरामुद्दीन की पुत्री फिरोजा, नरदेव की पत्नी कविता का अभी तक कोई सुराग नहीं है। इनकी गंगा में अब भी तलाश की जा रही है। प्रशासन 27 लोगों के गंगा में डूबने की बात कह रहा था, लेकिन गांव के लोग 28 बता रहे थे। एक व्यक्ति कौन है, यह गांव वालों को भी नहीं पता है।
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सोमवार को गांव डेबलगढ़ में गंगा में डूबे लोगों की ग्रामीणों की ओर से सामूहिक अंत्येष्टि की गई। इसमें पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, बसपा नेता जितेंद्र सागर, भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह, क्षत्रिय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, भाकियू के कई नेता शामिल रहे। रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी के मुताबिक फिरोजा को छोड़कर गांव में जिन चार महिलाओं के शव मिले थे, उन समेत गंगा में डूबे सभी दस महिलाओं की अंत्येष्टि कर दी गई है। जिन महिलाओं के शव मिले थे, अंत्येष्टि स्थल पर उनके फोटो पर श्रद्धांजलि दी गई। गांव वालों के मुताबिक जो महिलाएं गंगा में डूबी हैं, उनके जिंदा मिलने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए उनकी भी अंत्येष्टि की गई है।
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