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लक्ष्य के अनुरूप पखवाड़े में नहीं हो पा रही नसबंदी
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:53 AM IST
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बिजनौर। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत धामपुर सीएचसी पर नियत सेवा दिवस यानी (एफडीएस) फिक्स डे स्टैटिक्स पर लगाए गए कैंप में केवल एक महिला की ही नसबंदी हुई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 30 महिलाओं का नसबंदी कराने का लक्ष्य निर्धारित है।
11 जुलाई से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। शासन की ओर विभाग को प्रतिदिन 30 नसबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित है। मंशा के अनुरूप कैंपों का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पुरुष तो नसबंदी कराने में शून्य हैं ही, लेकिन विभाग को मिला महिलाओं का टारगेट भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जनसंख्या को नियंत्रण करना सभी की जिम्मेदारी है। सभी को इसके प्रति जागरुक होना चाहिए। क्योंकि बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में सबसे बड़ी बाधक मानी जाती है। बुधवार को नगीना में लगाए गए कैंप में चार महिलाओं की नसबंदी कराई गई। जबकि धामपुर में बृहस्पतिवार को लगे कैंप में केवल एक महिला की नसबंदी की गई। फैमिली प्लानिंग कार्य में लगे कर्मचारियों का आरोप है कि जिला महिला अस्पताल से लैप्रोस्कॉप मशीन खराब मिली थी। इस वजह से लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका। इस बारे में सीएमएस आभा वर्मा का कहना है कि उन्होंने लैप्रोस्कॉप ठीक हालत में दिया था। इसके बाद का उन्हें कुछ पता नहीं है। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने बताया कि लैप्रोस्कॉप में तकनीकी खराबी आने के चलते केवल एक ही केस हो पाया। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 25 जुलाई तक चलेगा। धीरे-धीरे नसबंदी केस एवं इससे संबंधित अन्य कार्यक्रम बढ़ाए जाएंगे।
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11 जुलाई से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। शासन की ओर विभाग को प्रतिदिन 30 नसबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित है। मंशा के अनुरूप कैंपों का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पुरुष तो नसबंदी कराने में शून्य हैं ही, लेकिन विभाग को मिला महिलाओं का टारगेट भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जनसंख्या को नियंत्रण करना सभी की जिम्मेदारी है। सभी को इसके प्रति जागरुक होना चाहिए। क्योंकि बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में सबसे बड़ी बाधक मानी जाती है। बुधवार को नगीना में लगाए गए कैंप में चार महिलाओं की नसबंदी कराई गई। जबकि धामपुर में बृहस्पतिवार को लगे कैंप में केवल एक महिला की नसबंदी की गई। फैमिली प्लानिंग कार्य में लगे कर्मचारियों का आरोप है कि जिला महिला अस्पताल से लैप्रोस्कॉप मशीन खराब मिली थी। इस वजह से लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका। इस बारे में सीएमएस आभा वर्मा का कहना है कि उन्होंने लैप्रोस्कॉप ठीक हालत में दिया था। इसके बाद का उन्हें कुछ पता नहीं है। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने बताया कि लैप्रोस्कॉप में तकनीकी खराबी आने के चलते केवल एक ही केस हो पाया। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 25 जुलाई तक चलेगा। धीरे-धीरे नसबंदी केस एवं इससे संबंधित अन्य कार्यक्रम बढ़ाए जाएंगे।
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