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पांच गांवों में बीज और भूमि शोधन होगा
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:40 AM IST
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पांच गांवों में बीज और भूमि शोधन होगा
नहटौर। ब्लाक आंकू के पांच गांवों में बीज और भूमि शोधन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें 250 हेक्टेयर भूमि का शोधन किया जाना है। किसानों को जैविक खेती करने पर जोर दिया जाएगा। भूमि को कीटों और फफूंदी नाशक की रोकथाम के लिए जैविक रसायनों को 75 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को दिया जाएगा।
एडीओ पीपी सत्यप्रकाश सिंह के मुताबिक बीज और भूमि शोधन कार्यक्रम गांव बैरमनगर, खंडसाल, तरकौला, नरगदी गंधू, सेढ़ा में चलाया जाएगा। प्रत्येक गांव में 50 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया जाएगा। पंजीकृत किसान इस योजना में शामिल होंगे। जैविक उपचार से भूमि में कीटों और फफूंदी नाशकों की रोकथाम की जाएगी। फफूंदीनाशक के लिए ट्राईकोडरमा और कीटनाशक के लिए ब्योबेरिया बेसियाना, गैटाराइजियम जैविक रसायनों का प्रयोग कराया जाएगा। इन्हीं दवाइयों से बीज का शोधन भी किया जाएगा। पांचों गांवों में जैविक खेती पर जोर देते हुए जैविक खाद का प्रयोग करने का आह्वान किया। जैविक खेती से किसानों को मिलने वाले फायदे के बारे में भी बताया जाएगा। पंजीकृत किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर जैविक उपलब्ध कराए जाएंगे।
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नहटौर। ब्लाक आंकू के पांच गांवों में बीज और भूमि शोधन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें 250 हेक्टेयर भूमि का शोधन किया जाना है। किसानों को जैविक खेती करने पर जोर दिया जाएगा। भूमि को कीटों और फफूंदी नाशक की रोकथाम के लिए जैविक रसायनों को 75 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को दिया जाएगा।
एडीओ पीपी सत्यप्रकाश सिंह के मुताबिक बीज और भूमि शोधन कार्यक्रम गांव बैरमनगर, खंडसाल, तरकौला, नरगदी गंधू, सेढ़ा में चलाया जाएगा। प्रत्येक गांव में 50 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया जाएगा। पंजीकृत किसान इस योजना में शामिल होंगे। जैविक उपचार से भूमि में कीटों और फफूंदी नाशकों की रोकथाम की जाएगी। फफूंदीनाशक के लिए ट्राईकोडरमा और कीटनाशक के लिए ब्योबेरिया बेसियाना, गैटाराइजियम जैविक रसायनों का प्रयोग कराया जाएगा। इन्हीं दवाइयों से बीज का शोधन भी किया जाएगा। पांचों गांवों में जैविक खेती पर जोर देते हुए जैविक खाद का प्रयोग करने का आह्वान किया। जैविक खेती से किसानों को मिलने वाले फायदे के बारे में भी बताया जाएगा। पंजीकृत किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर जैविक उपलब्ध कराए जाएंगे।
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