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अमर नहटौरी
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:44 AM IST
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बिजनौर । शायरी की किताब, ये जहां वो नहीं, लिखने वाले अमीर अहमद खां को उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी लखनऊ की ओर से सम्मानित किया गया हैं। उनकी शायरी पर लिखी इस पुस्तक को खूब पसंद किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक अमीर अहमद हर साल जिला व ब्लॉक स्तर के होनहार छात्रों को सम्मानित भी कराते है।
मूल रूप से नहटौर के रहने वाले अमीर अहमद खां जूनियर हाईस्कूल चौकपुरी में शिक्षक के पद पर तैनात है। उन्हें शायरी का बेहद शौक हैं। 1983 से वह गजल , गीत ,कहानी, अफसाने व स्टोरी लिखते आ रहे हैं। शायरी की दुनिया में उन्हें अमीर नहटौरी के नाम से जाने जाना लगा है। उनकी पहली पुस्तक गजल संग्रह जागते मंजर 2013 में उर्दू और हिंदी में छपी थी। 2017 में उन्होंने दूसरी उर्दू में दूसरी गजल संग्रह, यह जहां वोह नहीं लिखी । यह किताब एनसीपीयूएल दिल्ली के सहयोग से छपी । उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी लखनऊ ने उन्हें दस हजार रुपये देकर सम्मानित किया हैं। अमीर अहमद खां के मुताबिक उन्हें बचपन से ही लेखन का शौक रहा है। उन्होंने पद और गद्य दोनों में ही लिखना शुरू किया।
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मूल रूप से नहटौर के रहने वाले अमीर अहमद खां जूनियर हाईस्कूल चौकपुरी में शिक्षक के पद पर तैनात है। उन्हें शायरी का बेहद शौक हैं। 1983 से वह गजल , गीत ,कहानी, अफसाने व स्टोरी लिखते आ रहे हैं। शायरी की दुनिया में उन्हें अमीर नहटौरी के नाम से जाने जाना लगा है। उनकी पहली पुस्तक गजल संग्रह जागते मंजर 2013 में उर्दू और हिंदी में छपी थी। 2017 में उन्होंने दूसरी उर्दू में दूसरी गजल संग्रह, यह जहां वोह नहीं लिखी । यह किताब एनसीपीयूएल दिल्ली के सहयोग से छपी । उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी लखनऊ ने उन्हें दस हजार रुपये देकर सम्मानित किया हैं। अमीर अहमद खां के मुताबिक उन्हें बचपन से ही लेखन का शौक रहा है। उन्होंने पद और गद्य दोनों में ही लिखना शुरू किया।
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