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अफसरों की जी हुजूरी नहीं करेंगे ग्रामीण, प्रधान होंगे हैंडपंप के मुखिया
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:12 AM IST
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अफसरों की जी हुजूरी नहीं करेंगे ग्रामीण, प्रधान होंगे हैंडपंप के मुखिया
-प्रधानों के खाते में आएगी हैंडपंप मरम्मत और रिबोर की धनराशि
-शासनादेश पर अफसरों ने ग्राम प्रधानों को जारी किये दिशा-निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। इंडिया मार्का हैंडपंप को ठीक और रिबोर कराने के लिए ग्रामीणों को अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्योंकि, शासन ने हैंडपंप को लगवाने और रिबोर कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंप दी है। पंचायत विभाग हैंडपंप को लगवाने और उन्हें रिबोर कराने के लिए धनराशि उनके खाते में भेजेगा। शासनादेश मिलते ही अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अब तक ग्रामीण गांव में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप को सही कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते थे। रिबोर कराने को कई महीने तक जल निगम के कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी। इससे गांवों में पानी की समस्या और विकराल बनकर खड़ी हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हैंडपंप की मरम्मत से लेकर रिबोर कराने तक का कार्य शासन ने प्रधान को सौंप दिया है। जिला विकास अधिकारी मदन वर्मा ने बताया कि शासन का आदेश मिल चुका है। हैंडपंप अब ग्राम प्रधान ही सही कराएंगे। इसके लिए बाकायदा उनके खातों में धनराशि भेजी जाएगी। यदि प्रधान कोई दिलचस्पी नहीं दिखाएगा, तब ग्रामीण अधिकारियों को अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रधानों को शासन से मिले निर्देशों के बारे में पूरी तरह अवगत करा दिया गया है।
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-प्रधानों के खाते में आएगी हैंडपंप मरम्मत और रिबोर की धनराशि
-शासनादेश पर अफसरों ने ग्राम प्रधानों को जारी किये दिशा-निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। इंडिया मार्का हैंडपंप को ठीक और रिबोर कराने के लिए ग्रामीणों को अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्योंकि, शासन ने हैंडपंप को लगवाने और रिबोर कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंप दी है। पंचायत विभाग हैंडपंप को लगवाने और उन्हें रिबोर कराने के लिए धनराशि उनके खाते में भेजेगा। शासनादेश मिलते ही अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अब तक ग्रामीण गांव में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप को सही कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते थे। रिबोर कराने को कई महीने तक जल निगम के कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी। इससे गांवों में पानी की समस्या और विकराल बनकर खड़ी हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हैंडपंप की मरम्मत से लेकर रिबोर कराने तक का कार्य शासन ने प्रधान को सौंप दिया है। जिला विकास अधिकारी मदन वर्मा ने बताया कि शासन का आदेश मिल चुका है। हैंडपंप अब ग्राम प्रधान ही सही कराएंगे। इसके लिए बाकायदा उनके खातों में धनराशि भेजी जाएगी। यदि प्रधान कोई दिलचस्पी नहीं दिखाएगा, तब ग्रामीण अधिकारियों को अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रधानों को शासन से मिले निर्देशों के बारे में पूरी तरह अवगत करा दिया गया है।
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