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मारपीट में दोनों पक्षों के छह लोगों को सजा
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:32 AM IST
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मारपीट के मामले में छह लोगों को सजा
बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने थाना नहटौर के गांव गिलाड़ा में दो पक्षों में हुए संघर्ष में दोनों पक्षों के तीन-तीन आरोपियों को सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार ग्राम गिलाड़ा में हुए संघर्ष में मुनेशचंद शर्मा ने वर्ष 2009 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके फार्म के पूरब में सिंघाड़े के तालाब हैं। सिंघाड़े में पानी लगाने के लिए गिलाड़ी के विनोद, संजय, पतराम व जितेंद्र उसके खेत में खुदाई करने लगे। उसने उन्हें खेत में खुदाई करने से मना करते हुए पाइप डालने को कहा। इस पर ये लोग नाराज हो गए। उसे गालियां दीं व लाठी डंडों से मारा पीटा। इस घटना में मुनेशचंद शर्मा के सिर में गंभीर चोट आईं थी। केस की सुनवाई के दौरान आरोपी जितेंद्र की मौत हो गई।
कोर्ट ने विनोद, संजय व पतराम को मुनेशचंद शर्मा को चोट पहुंचाने के आरोप में तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है। इस संघर्ष के बारे में दूसरे पक्ष के विनोद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने पट्टे के तालाब में सिंघाड़े की बेल पड़ी हुई थी। वह अपने चाचा के साथ, उसमें पानी लगाने के लिए मुनेशचंद के खेत के बराबर वाली चकरोड में नाली बना रहे थे। इस पर मुनेशचंद, उसके भाई देशराज, भतीजे विक्की ने उन्हें गाली देनी शुरू कर दीं। गाली देने से मना किया तो तीनों ने लाठी डंडों से उनसे मारपीट की। इसमें विनोद व जितेंद्र के चोट आईं। कोर्ट ने इस मामले में मुनेशचंद, देशराज, विक्की को दो-दो वर्ष के कारावास और एक एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने थाना नहटौर के गांव गिलाड़ा में दो पक्षों में हुए संघर्ष में दोनों पक्षों के तीन-तीन आरोपियों को सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार ग्राम गिलाड़ा में हुए संघर्ष में मुनेशचंद शर्मा ने वर्ष 2009 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके फार्म के पूरब में सिंघाड़े के तालाब हैं। सिंघाड़े में पानी लगाने के लिए गिलाड़ी के विनोद, संजय, पतराम व जितेंद्र उसके खेत में खुदाई करने लगे। उसने उन्हें खेत में खुदाई करने से मना करते हुए पाइप डालने को कहा। इस पर ये लोग नाराज हो गए। उसे गालियां दीं व लाठी डंडों से मारा पीटा। इस घटना में मुनेशचंद शर्मा के सिर में गंभीर चोट आईं थी। केस की सुनवाई के दौरान आरोपी जितेंद्र की मौत हो गई।
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कोर्ट ने विनोद, संजय व पतराम को मुनेशचंद शर्मा को चोट पहुंचाने के आरोप में तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है। इस संघर्ष के बारे में दूसरे पक्ष के विनोद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने पट्टे के तालाब में सिंघाड़े की बेल पड़ी हुई थी। वह अपने चाचा के साथ, उसमें पानी लगाने के लिए मुनेशचंद के खेत के बराबर वाली चकरोड में नाली बना रहे थे। इस पर मुनेशचंद, उसके भाई देशराज, भतीजे विक्की ने उन्हें गाली देनी शुरू कर दीं। गाली देने से मना किया तो तीनों ने लाठी डंडों से उनसे मारपीट की। इसमें विनोद व जितेंद्र के चोट आईं। कोर्ट ने इस मामले में मुनेशचंद, देशराज, विक्की को दो-दो वर्ष के कारावास और एक एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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