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तथ्यों को छुपा कर आवास निर्माण कराने को प्राप्त किया शासकीय धन वापस होगा, नोटिस जारी
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:33 AM IST
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धामपुर। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बिजनौर के परियोजना विभाग की ओर से धामपुर ब्लाक के गांव सिपाहीयोवाला के आठ लोगों को नोटिस जारी किया गया। उनसे 15 दिन के भीतर आवास योजना के नाम पर तथ्यों को छुपाकर प्राप्त की गई धनराशि को वापस करने की हिदायत दी है। चेताया कि यदि उनकी आदेशों का पालन नहीं हुआ तो इस धन के मकान को कुर्क कर वसूल किया जाएगा।
पीडी विजय प्रकाश श्रीवास्तव की ओर से 29 जनवरी को जारी किए नोटिसों में गांव की फिरोजा खातून पत्नी रिसालत, शमशीदा पत्नी फिरासत, अनीता पत्नी चंद्रपाल सिंह को बताया कि उनके द्वारा वर्ष 2014-15 में इंदिरा आवास योजना के तहत आवास बनवाने के लिए चयन हुआ था। इन सभी सरकार की ओर से पौने तीन लाख की नकदी आवासों का निर्माण करने को आवंटित की थी। आरोप है कि जब विभाग की ओर से संबंधित लोगों के आवासों की जांच की तो पाया कि इन लोगों के पास पहले से ही पक्के मकान है। सरकार की ओर से प्राप्त धनराशि से चयनित जमीन से अलग हटकर आवास का निर्माण हुआ है। जब इन लोगों से तथ्यों को छुुपाकर शासकीय धनराशि प्राप्त करने के बारे में जानकारी की गई तो यह कुछ नहीं बता सकें। इन सभी लोगो को 15 दिन के भीतर आवास के नाम पर प्राप्त धनराशि को वापस विभाग को करने की हिदायत दी गई है। इन लोगों को विभाग का बैंक एकाउंट भी बता दिया है। जिसमें इन लोगों को यह धनराशि वापस करनी है। इसी प्रकार से शहनाज पत्नी शहादत ने भी आवास का लाभ पाने को 70 हजार की नकदी सरकार से प्राप्त की है। जबकि शहनाज के पास पहले से ही पक्के आवास है। इनके अलावा और भी कई लोगों को नोटिस प्राप्त हुए है। संबंधित लोगों से सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए सत्ता पक्ष के नेताओं की परिक्रमा लगानी शुरू कर दी है।
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पीडी विजय प्रकाश श्रीवास्तव की ओर से 29 जनवरी को जारी किए नोटिसों में गांव की फिरोजा खातून पत्नी रिसालत, शमशीदा पत्नी फिरासत, अनीता पत्नी चंद्रपाल सिंह को बताया कि उनके द्वारा वर्ष 2014-15 में इंदिरा आवास योजना के तहत आवास बनवाने के लिए चयन हुआ था। इन सभी सरकार की ओर से पौने तीन लाख की नकदी आवासों का निर्माण करने को आवंटित की थी। आरोप है कि जब विभाग की ओर से संबंधित लोगों के आवासों की जांच की तो पाया कि इन लोगों के पास पहले से ही पक्के मकान है। सरकार की ओर से प्राप्त धनराशि से चयनित जमीन से अलग हटकर आवास का निर्माण हुआ है। जब इन लोगों से तथ्यों को छुुपाकर शासकीय धनराशि प्राप्त करने के बारे में जानकारी की गई तो यह कुछ नहीं बता सकें। इन सभी लोगो को 15 दिन के भीतर आवास के नाम पर प्राप्त धनराशि को वापस विभाग को करने की हिदायत दी गई है। इन लोगों को विभाग का बैंक एकाउंट भी बता दिया है। जिसमें इन लोगों को यह धनराशि वापस करनी है। इसी प्रकार से शहनाज पत्नी शहादत ने भी आवास का लाभ पाने को 70 हजार की नकदी सरकार से प्राप्त की है। जबकि शहनाज के पास पहले से ही पक्के आवास है। इनके अलावा और भी कई लोगों को नोटिस प्राप्त हुए है। संबंधित लोगों से सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए सत्ता पक्ष के नेताओं की परिक्रमा लगानी शुरू कर दी है।
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