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प्रशासन बोर्ड परीक्षा को लेकर रेड अलर्ट पर
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:08 AM IST
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बिजनौर। प्रशासन मंगलवार से शुरू बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने को लेकर रेड अलर्ट पर है। एलआईयू ने गोपनीय रिपोर्ट शासन को भेजी है। जिले में एक लाख से अधिक परीक्षार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सोमवार को विद्यालयों में परीक्षा सीट देखने के लिए परीक्षार्थियों की भीड़ लगी रही। छात्राओं की स्वकेंद्र परीक्षा है। नकल माफियों पर नकेल कसने के लिए उड़नदस्तों की पावर बढ़ा दी गई है।
जिले के 120 परीक्षा केंद्र पर बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षा छह फरवरी से शुरू है। संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को प्रवेशपत्र बांट दिए गए हैं। छात्रों का परीक्षा केंद्र दूसरे विद्यालय में हैं। छात्राओं के लिए स्वकेंद्र व्यवस्था है। केवल उन विद्यालयों की छात्राओं को ही दूसरे केंद्र पर भेजा गया है जहां परीक्षा केंद्र नहीं है। शासन के निर्देश पर नकल रोकने के लिए विद्यालयों में सिटिंग प्लान मिश्रित क्रम में है। अब तक शासन को विद्यालयों के प्रधानाचार्य द्वारा अपने कॉलेज के छात्रों को एक ही कक्ष या क्रम में बैठाने की शिकायत मिल रही थी। डीआईओएस के अनुसार यदि चेकिंग के दौरान कहीं गड़बड़ी मिली तो तत्काल केंद्र व्यवस्थापक को हटाकर नई तैनाती कर दी जाएगी। जिले में हाई स्कूल व इंटर में एक लाख 151 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
उड़नदस्तों के अधिकार बढ़े
बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार बोर्ड परीक्षा में छापेमारी के लिए आठ उड़नदस्ते गठित हैं। सोमवार को उड़नदस्तों की व्यवस्था व रणनीति को लेकर बैठक हुई। डीआईओएस के मुताबिक उड़नदस्ते के सदस्यों को परीक्षार्थियों की तलाशी लेने के अतिरिक्त बोर्ड ने कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। इनमें सदस्यों द्वारा केंद्र पर प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान करना, सीसीटीवी कैमरों के संचालन का निरीक्षण करना आदि शामिल हैं। डीआईओएस के अनुसार यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी या केंद्र व्यवस्थापक सदस्यों के काम में हस्तक्षेप करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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एलआईयू ने सेंटर की रिपोर्ट भेजी
बिजनौर। छह फरवरी से शुरू बोर्ड परीक्षा की तैयारी की एलआईयू ने सेंटर पर जाकर सोमवार को जांच की है। सूत्रों के अनुसार एलआईयू अधिकारी अपनी गोपनीय रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। रिपोर्ट के बारे में शिक्षा विभाग को भी भनक नहीं लगने दी जाएगी। शासन एलआईयू की रिपोर्ट पर अमल करेगा। सात अति संवेदनशील व 17 संवेदनशील केंद्र पर एलआईयू की विशेष निगाह है।
पुरुष कक्ष निरीक्षक नहीं लेंगे छात्राओं की तलाशी
बिजनौर। डीआईओएस के अनुसार पुरुष कक्ष निरीक्षक छात्राओं की तलाशी नहीं लेंगे। इसके लिए अलग से महिला निरीक्षक रहेंगी। यदि किसी कक्ष में छात्र-छात्राएं दोनों परीक्षा दे रहे हैं तो केंद्र व्यवस्थापक इस बात का प्रयास करेंगे कि उस कक्ष में महिला कक्ष निरीक्षक जरूर हो। परीक्षार्थियों के परीक्षा के दौरान जूते व मोजे नहीं उतरवाए जाएं। प्रवेश द्वारा तलाशी के दौरान तलाशी ले ली जाए।
कापियों की सीलिंग पैकिंग कैमरे की निगरानी में
बिजनौर। डीआईओएस के अनुसार उत्तरपुस्तिकाओं की सिलिंग पैकिंग सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी। इस दौरान दो शिक्षकों का मौजूद रहना जरूरी है। इनमें एक शिक्षक बाहर के विद्यालय का होना जरूरी है। सीलिंग पैकिंग में हर पाली में अलग-अलग शिक्षक हों। सीलिंग पैकिंग के दौरान सीलिंग पैकिंग कर्त्ता व दोनों शिक्षक ही रहेंगे। कोई अन्य शिक्षक व कर्मचारी नहीं रहेगा। केवल केंद्र व्यवस्थापक ही आ जा सकते हैं। शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं।
जीआईसी बिजनौर संकलन केंद्र
बिजनौर। डीआईओएस के मुताबिक जीआईसी बिजनौर को उत्तरपुस्तिकाओं का संकलन केंद्र बनाया गया है। केंद्र उत्तरपुस्तिकाओं को प्रति पाली रोजाना संकलन केंद्र पर जमा होंगी। केंद्र कापियां जमा करने के समय को लेकर विशेष सतर्क रहेंगे।
परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज रहेगी सुरक्षित
बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन के निर्देश पर केंद्र व्यवस्थापक उत्तरपुस्तिकाओं की सीलिंग पैकिंग व परीक्षा कक्षों की सीसीटीवी कैमरों की रोजाना की परीक्षा की फुटेज रिकार्डिंग सुरक्षित रखेंगे। शासन या बोर्ड द्वारा मांगे जाने पर केंद्र व्यवस्थापक उसे उपलब्ध कराएंगे। इसमें किसी प्रकार का बहाना नहीं चलेगा। मामूली चूक केंद्र व्यवस्थापक की परेशानी का सबब बन सकती है। डिप्टी सीएम के लापरवाह केंद्र व्यवस्थापकों व शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश हैं।
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जिले के 120 परीक्षा केंद्र पर बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षा छह फरवरी से शुरू है। संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को प्रवेशपत्र बांट दिए गए हैं। छात्रों का परीक्षा केंद्र दूसरे विद्यालय में हैं। छात्राओं के लिए स्वकेंद्र व्यवस्था है। केवल उन विद्यालयों की छात्राओं को ही दूसरे केंद्र पर भेजा गया है जहां परीक्षा केंद्र नहीं है। शासन के निर्देश पर नकल रोकने के लिए विद्यालयों में सिटिंग प्लान मिश्रित क्रम में है। अब तक शासन को विद्यालयों के प्रधानाचार्य द्वारा अपने कॉलेज के छात्रों को एक ही कक्ष या क्रम में बैठाने की शिकायत मिल रही थी। डीआईओएस के अनुसार यदि चेकिंग के दौरान कहीं गड़बड़ी मिली तो तत्काल केंद्र व्यवस्थापक को हटाकर नई तैनाती कर दी जाएगी। जिले में हाई स्कूल व इंटर में एक लाख 151 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
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उड़नदस्तों के अधिकार बढ़े
बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार बोर्ड परीक्षा में छापेमारी के लिए आठ उड़नदस्ते गठित हैं। सोमवार को उड़नदस्तों की व्यवस्था व रणनीति को लेकर बैठक हुई। डीआईओएस के मुताबिक उड़नदस्ते के सदस्यों को परीक्षार्थियों की तलाशी लेने के अतिरिक्त बोर्ड ने कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। इनमें सदस्यों द्वारा केंद्र पर प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान करना, सीसीटीवी कैमरों के संचालन का निरीक्षण करना आदि शामिल हैं। डीआईओएस के अनुसार यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी या केंद्र व्यवस्थापक सदस्यों के काम में हस्तक्षेप करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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एलआईयू ने सेंटर की रिपोर्ट भेजी
बिजनौर। छह फरवरी से शुरू बोर्ड परीक्षा की तैयारी की एलआईयू ने सेंटर पर जाकर सोमवार को जांच की है। सूत्रों के अनुसार एलआईयू अधिकारी अपनी गोपनीय रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। रिपोर्ट के बारे में शिक्षा विभाग को भी भनक नहीं लगने दी जाएगी। शासन एलआईयू की रिपोर्ट पर अमल करेगा। सात अति संवेदनशील व 17 संवेदनशील केंद्र पर एलआईयू की विशेष निगाह है।
पुरुष कक्ष निरीक्षक नहीं लेंगे छात्राओं की तलाशी
बिजनौर। डीआईओएस के अनुसार पुरुष कक्ष निरीक्षक छात्राओं की तलाशी नहीं लेंगे। इसके लिए अलग से महिला निरीक्षक रहेंगी। यदि किसी कक्ष में छात्र-छात्राएं दोनों परीक्षा दे रहे हैं तो केंद्र व्यवस्थापक इस बात का प्रयास करेंगे कि उस कक्ष में महिला कक्ष निरीक्षक जरूर हो। परीक्षार्थियों के परीक्षा के दौरान जूते व मोजे नहीं उतरवाए जाएं। प्रवेश द्वारा तलाशी के दौरान तलाशी ले ली जाए।
कापियों की सीलिंग पैकिंग कैमरे की निगरानी में
बिजनौर। डीआईओएस के अनुसार उत्तरपुस्तिकाओं की सिलिंग पैकिंग सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी। इस दौरान दो शिक्षकों का मौजूद रहना जरूरी है। इनमें एक शिक्षक बाहर के विद्यालय का होना जरूरी है। सीलिंग पैकिंग में हर पाली में अलग-अलग शिक्षक हों। सीलिंग पैकिंग के दौरान सीलिंग पैकिंग कर्त्ता व दोनों शिक्षक ही रहेंगे। कोई अन्य शिक्षक व कर्मचारी नहीं रहेगा। केवल केंद्र व्यवस्थापक ही आ जा सकते हैं। शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं।
जीआईसी बिजनौर संकलन केंद्र
बिजनौर। डीआईओएस के मुताबिक जीआईसी बिजनौर को उत्तरपुस्तिकाओं का संकलन केंद्र बनाया गया है। केंद्र उत्तरपुस्तिकाओं को प्रति पाली रोजाना संकलन केंद्र पर जमा होंगी। केंद्र कापियां जमा करने के समय को लेकर विशेष सतर्क रहेंगे।
परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज रहेगी सुरक्षित
बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन के निर्देश पर केंद्र व्यवस्थापक उत्तरपुस्तिकाओं की सीलिंग पैकिंग व परीक्षा कक्षों की सीसीटीवी कैमरों की रोजाना की परीक्षा की फुटेज रिकार्डिंग सुरक्षित रखेंगे। शासन या बोर्ड द्वारा मांगे जाने पर केंद्र व्यवस्थापक उसे उपलब्ध कराएंगे। इसमें किसी प्रकार का बहाना नहीं चलेगा। मामूली चूक केंद्र व्यवस्थापक की परेशानी का सबब बन सकती है। डिप्टी सीएम के लापरवाह केंद्र व्यवस्थापकों व शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश हैं।