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वेव शुगर मिल बंद होने का मामला
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:06 AM IST
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बिजनौर। वेव शुगर मिल की बिजनौर इकाई ने तीन किसानों पर जबरन मिल की गन्ना पेराई बंद कराने का आरोप लगाया है। मिल नेे पेराई बंद होने से हुए करीब 17 लाख रुपये की नुकसान भरपाई का नोटिस आरोपी किसानों को भेजा है। नोटिस भेजे जाने से किसानों में गुस्सा है। किसान संगठनों ने मिलों के इस कदम को किसानों की आवाज दबाने के लिए हथकंडा बताया है। किसान संगठनों के प्रतिनिधि इस बारे में डीएम व डीसीओ से मिले हैं। संगठनों ने नोटिस वापस नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुगर मिल द्वारा गांव आदमपुर निवासी परम सिंह, गांव गौसपुर निवासी अंशुल कुमार और भोगी निवासी शेर सिंह को भेजे गए नोटिस के अनुसार तीनों किसान 12 नवंबर को अपनी गन्ना पर्चियों पर गन्ना तुलवाने आए थे। तीनों अपने 20-25 साथियों के साथ मिल में आए। अधिकारियों को गालियां दीं। तौल के बारे में भी गलत बातें की। जबरन मिल की पेराई बंद करा दी। मिल ने तीनों किसानों को नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि तीनों किसानों ने यूनिट को जबरन असंवैधानिक तरीके से बंद कराया है, जबकि गन्ना समिति सचिव व डीसीओ ने निरीक्षण में तौल कांटे को सही पाया था। तीनों किसानों के असंवैधानिक कृत्य से मिल करीब चार घंटे बंद रही। मिल को करीब 14,29,200 रुपये का नुकसान हुआ है। बगास फूंकने से 2,74,282 रुपये का नुकसान हुआ है। मिल ने नोटिस के अन्य खर्चों समेत कुल 17,3482 रुपये के नुकसान की भरपाई 15 दिन में करने को कहा है। नोटिस मिलने से किसानों में खलबली है। भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार मामला प्रशासन व मिल अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। आजाद किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अनुसार यह मिल द्वारा किसानों पर दबाव बनाने के लिए ओछी हरकत है। इस बारे में वे डीएम व डीसीओ से मिले हैं। किसानों का पक्ष था कि तौल कांटे के मालिक किसानों को गन्ना तौल की पर्ची नहीं देते हैं। धर्म कांटों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार वेव शुगर मिल द्वारा किसानों को नोटिस भेजे जाने का मामला उनके संज्ञान में है। किसान उनसे मिले हैं। शुगर मिल को किसान हित में नोटिस वापस लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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शुगर मिल द्वारा गांव आदमपुर निवासी परम सिंह, गांव गौसपुर निवासी अंशुल कुमार और भोगी निवासी शेर सिंह को भेजे गए नोटिस के अनुसार तीनों किसान 12 नवंबर को अपनी गन्ना पर्चियों पर गन्ना तुलवाने आए थे। तीनों अपने 20-25 साथियों के साथ मिल में आए। अधिकारियों को गालियां दीं। तौल के बारे में भी गलत बातें की। जबरन मिल की पेराई बंद करा दी। मिल ने तीनों किसानों को नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि तीनों किसानों ने यूनिट को जबरन असंवैधानिक तरीके से बंद कराया है, जबकि गन्ना समिति सचिव व डीसीओ ने निरीक्षण में तौल कांटे को सही पाया था। तीनों किसानों के असंवैधानिक कृत्य से मिल करीब चार घंटे बंद रही। मिल को करीब 14,29,200 रुपये का नुकसान हुआ है। बगास फूंकने से 2,74,282 रुपये का नुकसान हुआ है। मिल ने नोटिस के अन्य खर्चों समेत कुल 17,3482 रुपये के नुकसान की भरपाई 15 दिन में करने को कहा है। नोटिस मिलने से किसानों में खलबली है। भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार मामला प्रशासन व मिल अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। आजाद किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अनुसार यह मिल द्वारा किसानों पर दबाव बनाने के लिए ओछी हरकत है। इस बारे में वे डीएम व डीसीओ से मिले हैं। किसानों का पक्ष था कि तौल कांटे के मालिक किसानों को गन्ना तौल की पर्ची नहीं देते हैं। धर्म कांटों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार वेव शुगर मिल द्वारा किसानों को नोटिस भेजे जाने का मामला उनके संज्ञान में है। किसान उनसे मिले हैं। शुगर मिल को किसान हित में नोटिस वापस लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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