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बोर्ड की पहली बैठक वाले दिन होगा कार्यकाल समाप्त
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:47 AM IST
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स्थानीय निकाय : बोर्ड की पहली बैठक वाले दिन कार्यकाल होगा समाप्त
बिजनौर।
नगर पालिका व पंचायतों में बोर्ड की पांच साल पहले हुई पहली बैठक के दिन को बोर्ड के कार्यकाल का आखिरी दिन माना जाएगा। इसके बाद पालिका व पंचायतों में ईओ कार्यों का संचालन करेंगे।
बिजनौर नगर पालिका बोर्ड की पहली बैठक चार अगस्त, हल्दौर की 23 जुलाई, धामपुर की 25 जुलाई, शेरकोट की एक अगस्त, स्योहारा की तीन अगस्त, अफजलगढ़ की 17 जुलाई, नहटौर की 14 अगस्त, नगीना की 13 अगस्त, नजीबाबाद की चार अगस्त, किरतपुर की छह अगस्त, चांदपुर की 28 जुलाई, नूरपुर की 18 अगस्त, नगर पंचायत झालू की आठ अगस्त, मंडावर की 23 जुलाई, साहनपुर की 19 जुलाई, जलालाबाद की 20 जुलाई, बढ़ापुर की 28 जुलाई व सहसपुर की 27 जुलाई 2012 को हुई थी।
पांच साल पहले बोर्ड की पहली बैठक वाली तारीख को ही कुछ पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो गया है और कुछ का होगा। बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने पर इन स्थानीय निकायों के कार्य संचालन का दायित्व नगर आयुक्त और ईओ पर होगा। फिलहाल निकायों के खातों का संचालन ईओ और अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने पर ईओ और लेखा संवर्ग के वरिष्ठतम अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से इनका संचालन होगा। इन दोनों द्वारा धनराशि का आहरण चेक के द्वारा ही किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
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बिजनौर।
नगर पालिका व पंचायतों में बोर्ड की पांच साल पहले हुई पहली बैठक के दिन को बोर्ड के कार्यकाल का आखिरी दिन माना जाएगा। इसके बाद पालिका व पंचायतों में ईओ कार्यों का संचालन करेंगे।
बिजनौर नगर पालिका बोर्ड की पहली बैठक चार अगस्त, हल्दौर की 23 जुलाई, धामपुर की 25 जुलाई, शेरकोट की एक अगस्त, स्योहारा की तीन अगस्त, अफजलगढ़ की 17 जुलाई, नहटौर की 14 अगस्त, नगीना की 13 अगस्त, नजीबाबाद की चार अगस्त, किरतपुर की छह अगस्त, चांदपुर की 28 जुलाई, नूरपुर की 18 अगस्त, नगर पंचायत झालू की आठ अगस्त, मंडावर की 23 जुलाई, साहनपुर की 19 जुलाई, जलालाबाद की 20 जुलाई, बढ़ापुर की 28 जुलाई व सहसपुर की 27 जुलाई 2012 को हुई थी।
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पांच साल पहले बोर्ड की पहली बैठक वाली तारीख को ही कुछ पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो गया है और कुछ का होगा। बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने पर इन स्थानीय निकायों के कार्य संचालन का दायित्व नगर आयुक्त और ईओ पर होगा। फिलहाल निकायों के खातों का संचालन ईओ और अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने पर ईओ और लेखा संवर्ग के वरिष्ठतम अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से इनका संचालन होगा। इन दोनों द्वारा धनराशि का आहरण चेक के द्वारा ही किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
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