फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   130 teams will check community toilets

130 टीम करेंगी सामुदायिक शौचालयों की जांच

Thu, 09 Dec 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
130 teams will check community toilets
130 टीम करेंगी सामुदायिक शौचालयों की जांच
विज्ञापन

बिजनौर। शासन पंचायतों में राज्य व केंद्रीय वित्त आयोग की धनराशि से हुए निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सख्त हो गया है। इसलिए अब पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बने सामुदायिक शौचालयों के गुणवत्ता की जांच होगी। डीएम उमेश मिश्रा ने असलियत का पता लगाने के लिए जांच में 130 जिला स्तरीय अधिकारी लगाए हैं। शासन से जांच के बिंदु तय हैं।
पंचायतों को राज्य व केंद्रीय वित्त आयोग से विकास कार्यों के लिए मोटी रकम मिली है। धनराशि से पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक शौचालय बने हैं। जिस गांव की आबादी 1000 से 1500 तक है, वहां साढ़े लाख की लागत से चार शीट वाला तथा 1500 से अधिक आबादी वाली पंचायत में साढ़े छह लाख की लागत से छह शीट वाला शौचालय बना है। आरोप है कि शासन को सामुदायिक शौचालय की निर्माण गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिल रही थी। जिस पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम उमेश मिश्रा ने सामुदायिक शौचालय की गुणवत्ता की जांच के लिए न्याय पंचायत वार 130 जिला स्तरीय अधिकारियों को लगाया है। हर जांच अधिकारी के साथ एक तकनीकी अधिकारी सहायक अभियंता या जूनियर इंजीनियर को लगाया गया है। जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। हर ब्लॉक में 10 से लेकर 17 तक टीम लगी हैं। केवल अफजलगढ़ व किरतपुर ब्लॉक में आठ टीम हैं। जांच रिपोर्ट सात दिन में डीपीआरओ को सौंपने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन

ये है सत्यापन के बिंदु
शासन ने सामुदायिक शौचालयों की जांच के बिंदु तय कर दिए हैं। जांच विभिन्न प्रकार के 18 बिंदुओं पर होनी है। इनमें सामुदायिक शौचालय के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच, शौचालय सक्रिय है या नहीं, दिव्यांगो के लिए समुचित व्यवस्था है या नहीं, सेनीटेशन की फिटिंग , बिजली का कनेक्शन, रखरखाव, साफ सफाई नियमित होती है या नहीं, पानी की व्यवस्था है या नहीं, रोजाना औसतन कितने व्यक्ति शौचालय का इस्तेमाल कर रहा है, आदि प्रमुख बिंदु हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रखरखाव के लिए आवंटित पैसे की भी होगी जांच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत महत्वाकांक्षी अभियान है। पंचायतों में सामुदायिक शौचालय स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत लाखों की लागत से बने हैं। शासन की मंशा है कि कोई भी ग्रामीण शौच के लिए खुले में नहीं जाए। इसलिए शौचालय की देखरेख पर विशेष जोर है। शासन ने सामुदायिक शौचालयों के देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। समूह को साफ सफाई के लिए हर माह 9000 रुपये दिए जाते हैं। इस पैसे से समूह को सफाई का सामान खरीदना है। जांच टीम को यह पता लगाना है कि समूह को पैसा मिलने की जानकारी है या नहीं। समूह को पैसा मिल रहा है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed