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जिले में 126 नए टीबी मरीज मिले
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जिले में 126 नए टीबी मरीज मिले
बिजनौर। जनपद में चलाए गए सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के अंतर्गत कुल नए 126 मरीजों की पुष्टि हुई है। दो से दस जनवरी तक घर-घर चलाए गए अभियान के अंतर्गत कुल आठ लाख 55 हजार 803 लोगों में से लगभग 2645 लोगों के बलगम की जांच की गई। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है।
शासन के निर्देश पर दो से दस जनवरी तक कुल दो लाख दस हजार घरों का भ्रमण कर आठ लाख 55 हजार 803 लोगों की टीबी रोग की जांच की गई। इनमें से 126 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत के अनुसार वर्तमान में जिले में दो प्रकार से टीबी रोगियों की जांच की जाती है। बलगम (स्पुटम) लेकर और एक्सरे से। टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजाना के अंतर्गत रोगी के ठीक होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता दिया जाता है। बताया कि 13 से 25 जनवरी तक जिले के नर्सिंग होम, निजी चिकित्सकों, लैब संचालकों तथा मेडिकल स्टोरों से कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी संपर्क कर उनको सरकार द्वारा क्षय रोगियों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा समस्त क्षय रोगियों की जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी को देने संबंधी जागरूक करेंगे। जितने भी रोगियों को निजी चिकित्सकों द्वारा क्षय रोग के लिए उपचारित किया जा रहा है, उन सभी की जानकारी देना आवश्यक है। ये जानकारी नहीं दिए जाने की स्थिति में संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी किया जाएगा।
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बिजनौर। जनपद में चलाए गए सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के अंतर्गत कुल नए 126 मरीजों की पुष्टि हुई है। दो से दस जनवरी तक घर-घर चलाए गए अभियान के अंतर्गत कुल आठ लाख 55 हजार 803 लोगों में से लगभग 2645 लोगों के बलगम की जांच की गई। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है।
शासन के निर्देश पर दो से दस जनवरी तक कुल दो लाख दस हजार घरों का भ्रमण कर आठ लाख 55 हजार 803 लोगों की टीबी रोग की जांच की गई। इनमें से 126 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत के अनुसार वर्तमान में जिले में दो प्रकार से टीबी रोगियों की जांच की जाती है। बलगम (स्पुटम) लेकर और एक्सरे से। टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजाना के अंतर्गत रोगी के ठीक होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता दिया जाता है। बताया कि 13 से 25 जनवरी तक जिले के नर्सिंग होम, निजी चिकित्सकों, लैब संचालकों तथा मेडिकल स्टोरों से कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी संपर्क कर उनको सरकार द्वारा क्षय रोगियों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा समस्त क्षय रोगियों की जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी को देने संबंधी जागरूक करेंगे। जितने भी रोगियों को निजी चिकित्सकों द्वारा क्षय रोग के लिए उपचारित किया जा रहा है, उन सभी की जानकारी देना आवश्यक है। ये जानकारी नहीं दिए जाने की स्थिति में संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी किया जाएगा।
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