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खातों से पैसा नहीं निकाल पाएंगे ग्राम प्रधान और सचिव
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:24 AM IST
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खातों से पैसा नहीं निकाल पाएंगे प्रधान और सचिव
बिजनौर। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ग्राम पंचायत के खाते से पैसा निकालकर बंदरबांट नहीं कर पाएंगे। आए दिन ग्राम पंचायतों में होने वाले घोटालों को रोकने के लिए शासन ने बड़ी पहल करते हुए इस पर रोक लगा दी है। शासन ने ग्राम पंचायतों में पैसों की गड़बड़ी को रोकने के लिए पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम अर्थात पीएफएमएस व्यवस्था को लागू किया है। अब ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पंचायत खातों से पैसा नहीं निकाल सकेंगे।
शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए पंचायत खातों में धनराशि आवंटित की जाती है। ग्राम पंचायतों को आवंटित पैसे में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार शासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और पीएफएमएस व्यवस्था लागू की गई है। अब विकास कार्यों का पहले बिल जमा होगा। उसके बाद भुगतान होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि भुगतान कैश में नहीं होगा। भुगतान चेक से सामान सप्लाई करने वाली फर्म को किया जाएगा। अब मजदूरी मजदूर के खाते में भेजी जाएगी। प्रधान सेक्रेट्री का इसमें कोई दखल नहीं होगा। जिला पंचायत राज अधिकरी मनीष कुमार के मुताबिक जिले की 1128 ग्राम पंचायतों में व्यवस्था पर अमल शुरू हो गया है। खातों की फीडिंग की समस्या हो रही है, व्यवस्था को पूरी तरह से लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है।
जिले में घपले की हो चुकी हैं कई घटनाएं
जिले की कई ग्राम पंचायतों में खातों से पैसे निकालकर लाखों रुपये डकारने की कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन की जांच में लाखों की हेराफेरी सामने आ चुकी हैं। ग्राम पंचायत सचिव के लाखों रुपये के घोटाले सामने आए हैं। आरोप में सेक्रेट्री जेल भी जा चुके हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने से जहां एक ओर पारदर्शिता बढ़ जाएगी तो वहीं दूसरी ओर घपलेबाजी भी कम होगी।
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बिजनौर। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ग्राम पंचायत के खाते से पैसा निकालकर बंदरबांट नहीं कर पाएंगे। आए दिन ग्राम पंचायतों में होने वाले घोटालों को रोकने के लिए शासन ने बड़ी पहल करते हुए इस पर रोक लगा दी है। शासन ने ग्राम पंचायतों में पैसों की गड़बड़ी को रोकने के लिए पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम अर्थात पीएफएमएस व्यवस्था को लागू किया है। अब ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पंचायत खातों से पैसा नहीं निकाल सकेंगे।
शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए पंचायत खातों में धनराशि आवंटित की जाती है। ग्राम पंचायतों को आवंटित पैसे में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार शासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और पीएफएमएस व्यवस्था लागू की गई है। अब विकास कार्यों का पहले बिल जमा होगा। उसके बाद भुगतान होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि भुगतान कैश में नहीं होगा। भुगतान चेक से सामान सप्लाई करने वाली फर्म को किया जाएगा। अब मजदूरी मजदूर के खाते में भेजी जाएगी। प्रधान सेक्रेट्री का इसमें कोई दखल नहीं होगा। जिला पंचायत राज अधिकरी मनीष कुमार के मुताबिक जिले की 1128 ग्राम पंचायतों में व्यवस्था पर अमल शुरू हो गया है। खातों की फीडिंग की समस्या हो रही है, व्यवस्था को पूरी तरह से लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है।
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जिले में घपले की हो चुकी हैं कई घटनाएं
जिले की कई ग्राम पंचायतों में खातों से पैसे निकालकर लाखों रुपये डकारने की कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन की जांच में लाखों की हेराफेरी सामने आ चुकी हैं। ग्राम पंचायत सचिव के लाखों रुपये के घोटाले सामने आए हैं। आरोप में सेक्रेट्री जेल भी जा चुके हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने से जहां एक ओर पारदर्शिता बढ़ जाएगी तो वहीं दूसरी ओर घपलेबाजी भी कम होगी।
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