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जिला टॉपर खुशी अग्रवाल
Updated Sun, 27 May 2018 12:48 AM IST
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बिजनौर। जिले की टॉपर खुशी अग्रवाल डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती हैं। उनके लिए समाजसेवा सबसे पहले है। वह अपनी छोटी बहन मौली को भी पढ़ लिखकर माता-पिता का नाम रोशन करने व समाजसेवा के लिए प्रेरित करती हैं।
मॉडन एरा पब्लिक स्कूल बिजनौर की छात्रा खुशी अग्रवाल के पिता अंकुर अग्रवाल की फर्नीचर की दुकान है और मां सारिका अग्रवाल गृहणी हैं। खुशी स्कूल के अलावा दिन में पांच से छह घंटे तक पढ़ती हैं। खुशी को न्यूज चैनल देखना पसंद है। छुट्टी में वह सहेलियों के साथ बैडमिंटन खेलती हैं। खुशी के अनुसार वह डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती है। अपनी छोटी बहन मौली की पढ़ाई का ध्यान भी खुशी खुद ही रखती है। खुशी को राजनीतिक गतिविधियों में दिलचस्पी तो है, लेकिन वह राजनीति में नहीं जाना चाहती। खुशी का कहना है कि समाजसेवा के और भी तरीके हैं। राजनीति में एक पार्टी के लोग दूसरी पार्टी के नेताओं को अच्छा काम करने पर भी बुरा ही कहते हैं।खुशी के पिता अंकुर अग्रवाल का कहना है कि उनकी दो बेटियां हैं और दोनों बेटों से कम नहीं हैं। खुशी ने जिला टॉप करके उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी दोनों बेटियां सभी के लिए मिसाल हैं।
वहीं जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली अर्शिका तोमर आईआईटी इंजीनियर बनना चाहती हैं। अर्शिका का कहना है कि इंजीनियरिंग करना उनका जुनून है। अर्शिका अपनी सफलता का श्रेय परिजनों, गुरुजनों के अलावा अपने साथी विद्यार्थियों को भी देती है। अर्शिका के अनुसार उसके दोस्तों ने हमेशा मेहनत कर जिला टॉप करने के लिए प्रेरित किया है।
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मॉडन एरा पब्लिक स्कूल बिजनौर की छात्रा खुशी अग्रवाल के पिता अंकुर अग्रवाल की फर्नीचर की दुकान है और मां सारिका अग्रवाल गृहणी हैं। खुशी स्कूल के अलावा दिन में पांच से छह घंटे तक पढ़ती हैं। खुशी को न्यूज चैनल देखना पसंद है। छुट्टी में वह सहेलियों के साथ बैडमिंटन खेलती हैं। खुशी के अनुसार वह डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती है। अपनी छोटी बहन मौली की पढ़ाई का ध्यान भी खुशी खुद ही रखती है। खुशी को राजनीतिक गतिविधियों में दिलचस्पी तो है, लेकिन वह राजनीति में नहीं जाना चाहती। खुशी का कहना है कि समाजसेवा के और भी तरीके हैं। राजनीति में एक पार्टी के लोग दूसरी पार्टी के नेताओं को अच्छा काम करने पर भी बुरा ही कहते हैं।खुशी के पिता अंकुर अग्रवाल का कहना है कि उनकी दो बेटियां हैं और दोनों बेटों से कम नहीं हैं। खुशी ने जिला टॉप करके उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी दोनों बेटियां सभी के लिए मिसाल हैं।
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वहीं जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली अर्शिका तोमर आईआईटी इंजीनियर बनना चाहती हैं। अर्शिका का कहना है कि इंजीनियरिंग करना उनका जुनून है। अर्शिका अपनी सफलता का श्रेय परिजनों, गुरुजनों के अलावा अपने साथी विद्यार्थियों को भी देती है। अर्शिका के अनुसार उसके दोस्तों ने हमेशा मेहनत कर जिला टॉप करने के लिए प्रेरित किया है।
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