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Bijnor News: कृत्रिम बुद्धिमता की कसौटी पर फेल हुए 12 हजार जीएसटी रिटर्न, नोटिस जारी
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बिजनौर का जीएसटी कार्यालय।
- लखनऊ में ही कृत्रिम बुद्धिमता के माध्यम से दाखिल रिटर्न में पकड़ी कमियां
-12 हजार से ज्यादा व्यापारियों को लखनऊ से बिजनौर में भेजे गए नोटिस
- 30 सितंबर तक है सत्र 2017-18 के दाखिल रिटर्न की तारीख
- 15500 हजार व्यापारी जीएसटी विभाग में हैं पंजीकृत
- 80 प्रतिशत व्यापारियों को भेजे गए हैं नोटिस
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। व्यापारी भले ही लाखों रुपये कर जमा कर रहे हो, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने उन्हें भी चोर बना दिया है। जी हां, जीएसटी विभाग के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर की मदद से व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमियां पकड़ में आ रही हैं। बिजनौर में 12 हजार से ज्यादा व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में गड़बड़ी मिली। इन सभी को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है।
ट्रिपल आईआईटी के सहयोग से जीएसटी मुख्यालय पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसकी मदद से व्यापारियों पर निगरानी रखी जा रही है। यह साॅफ्टवेयर स्वत: ही दाखिल रिटर्न की जांच कर रहा है। जांच में कमी मिलने पर व्यापारी के नाम एक नोटिस जिला मुख्यालय पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों के डैशबोर्ड पर भेजा रहा है।
अगर अधिकारी को लगता है कि उसमें और गड़बड़ी है तो संशोधन कर नोटिस व्यापारियों को भेज रहे हैं। सत्र 2017-18 में 12875 व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमी पाई गई। इनमें से 11875 व्यापारियों को नोटिस भेज दिया गया है। अब सत्र 2018-19 के दाखिल रिटर्न की जांच की जा रही है। जल्द ही सत्र 2018-19 के भी नोटिस भेजे जाएंगे।
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1000 रुपये से कम कर वाले व्यापारियों को नहीं भेजे नोटिस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने ऐसे व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में भी कमी पकड़ी है, जिन पर कर 1000 रुपये से कम है। मगर, इन व्यापारियों को नोटिस जारी नहीं किए गए हैं। विभागीय स्तर पर भी इन नोटिसों को कैंसिल किया जा रहा है।
सत्र 2017-18 के दाखिल रिटर्न की कमी दिसंबर तक कर सकते हैं दूर
जीएसटी विभाग के अधिकारियों अनुसार सत्र 2017-18 में जिन व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमी मिली है। या फिर उन्होंने दाखिल रिटर्न के हिसाब से कम कर जमा किया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर की पकड़ में आ गए हैं, वे अपनी कमी दिसंबर तक दूर सकते हैं।
जिले के व्यापारियों ने अगस्त में जमा किया 38 प्रतिशत अधिक कर
जिले में जीएसटी विभाग में 15500 व्यापारी पंजीकृत हैं। इस साल अगस्त में 23 करोड़ कर जमा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 38 करोड़ कर जमा किया गया है। पिछले साल अगस्त में 13 करोड़ रुपये कर जमा किया गया था। प्रदेश में कर जमा करने में बिजनौर का 22वां स्थान है।
समाधान योजना के व्यापारियों ने छह लाख रुपये कम कर जमा कराया
जीएसटी विभाग में समाधान योजना के तहत पांच हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। ये व्यापारी तिमाही के हिसाब से रिटर्न दाखिल करते हैं। सत्र 2022-23 में समाधान योजना वाले व्यापारियों ने पहले तिमाही में चार करोड़ 70 लाख रुपये कर जमा कराया था। मगर, इस बार सत्र 2023-24 के पहले तिमाही में व्यापारियों ने चार करोड़ 64 लाख रुपये कर जमा कराया है। इस बार व्यापारियों ने छह लाख रुपये कम कर जमा कराया है।
व्यापारियों के दाखिल रिटर्न की जांच के लिए लखनऊ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर काम कर रहा है। जिले में व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमी मिलने पर नोटिस भेजे गए हैं। कर जमा नहीं करने पर व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त, जीएसटी (कार्यपालक), बिजनौर
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-12 हजार से ज्यादा व्यापारियों को लखनऊ से बिजनौर में भेजे गए नोटिस
- 30 सितंबर तक है सत्र 2017-18 के दाखिल रिटर्न की तारीख
- 15500 हजार व्यापारी जीएसटी विभाग में हैं पंजीकृत
- 80 प्रतिशत व्यापारियों को भेजे गए हैं नोटिस
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। व्यापारी भले ही लाखों रुपये कर जमा कर रहे हो, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने उन्हें भी चोर बना दिया है। जी हां, जीएसटी विभाग के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर की मदद से व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमियां पकड़ में आ रही हैं। बिजनौर में 12 हजार से ज्यादा व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में गड़बड़ी मिली। इन सभी को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है।
ट्रिपल आईआईटी के सहयोग से जीएसटी मुख्यालय पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसकी मदद से व्यापारियों पर निगरानी रखी जा रही है। यह साॅफ्टवेयर स्वत: ही दाखिल रिटर्न की जांच कर रहा है। जांच में कमी मिलने पर व्यापारी के नाम एक नोटिस जिला मुख्यालय पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों के डैशबोर्ड पर भेजा रहा है।
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अगर अधिकारी को लगता है कि उसमें और गड़बड़ी है तो संशोधन कर नोटिस व्यापारियों को भेज रहे हैं। सत्र 2017-18 में 12875 व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमी पाई गई। इनमें से 11875 व्यापारियों को नोटिस भेज दिया गया है। अब सत्र 2018-19 के दाखिल रिटर्न की जांच की जा रही है। जल्द ही सत्र 2018-19 के भी नोटिस भेजे जाएंगे।
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1000 रुपये से कम कर वाले व्यापारियों को नहीं भेजे नोटिस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने ऐसे व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में भी कमी पकड़ी है, जिन पर कर 1000 रुपये से कम है। मगर, इन व्यापारियों को नोटिस जारी नहीं किए गए हैं। विभागीय स्तर पर भी इन नोटिसों को कैंसिल किया जा रहा है।
सत्र 2017-18 के दाखिल रिटर्न की कमी दिसंबर तक कर सकते हैं दूर
जीएसटी विभाग के अधिकारियों अनुसार सत्र 2017-18 में जिन व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमी मिली है। या फिर उन्होंने दाखिल रिटर्न के हिसाब से कम कर जमा किया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर की पकड़ में आ गए हैं, वे अपनी कमी दिसंबर तक दूर सकते हैं।
जिले के व्यापारियों ने अगस्त में जमा किया 38 प्रतिशत अधिक कर
जिले में जीएसटी विभाग में 15500 व्यापारी पंजीकृत हैं। इस साल अगस्त में 23 करोड़ कर जमा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 38 करोड़ कर जमा किया गया है। पिछले साल अगस्त में 13 करोड़ रुपये कर जमा किया गया था। प्रदेश में कर जमा करने में बिजनौर का 22वां स्थान है।
समाधान योजना के व्यापारियों ने छह लाख रुपये कम कर जमा कराया
जीएसटी विभाग में समाधान योजना के तहत पांच हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। ये व्यापारी तिमाही के हिसाब से रिटर्न दाखिल करते हैं। सत्र 2022-23 में समाधान योजना वाले व्यापारियों ने पहले तिमाही में चार करोड़ 70 लाख रुपये कर जमा कराया था। मगर, इस बार सत्र 2023-24 के पहले तिमाही में व्यापारियों ने चार करोड़ 64 लाख रुपये कर जमा कराया है। इस बार व्यापारियों ने छह लाख रुपये कम कर जमा कराया है।
व्यापारियों के दाखिल रिटर्न की जांच के लिए लखनऊ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साॅफ्टवेयर काम कर रहा है। जिले में व्यापारियों के दाखिल रिटर्न में कमी मिलने पर नोटिस भेजे गए हैं। कर जमा नहीं करने पर व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त, जीएसटी (कार्यपालक), बिजनौर