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आधे-अधूरे नए भवन में बैठेंगे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:12 AM IST
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बिजनौर । जल्द ही नए भवन में सीएमओ कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी बैठेंगे। भवन में ग्राउंड फ्लोर बनकर तैयार हो गया है और प्रथम तल पर अभी काम चल रहा है।
शासन स्तर से वर्ष 2013-14 में सीएमओ कार्यालय का नया भवन बनने की स्वीकृति दी गई थी। इसको बनाने के जिम्मा कार्यदायी संस्था पैक्सफैड को दिया था। वर्ष 2014-15 में संस्था ने इसको बनना शुरू कर दिया था। संस्था को दो साल के भीतर मार्च 2017 में भवन तैयार कराके स्वास्थ्य विभाग को सौंपना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संस्था ने नए भवन का ग्राउंड फ्लोर तो तैयार कर दिया है, लेकिन प्रथम तल पर अभी काम नहीं हुआ। फिलहाल काम रुका हुआ है और संस्था ने शासन से इसका काम पूरा करने के लिए करीब 26 लाख रुपये की डिमांड भेजी है। इसके लिए शासन पहले ही एक करोड़ 82 लाख रुपए दे चुका है। सीएमओ कार्यालय अभी पुराने भवन में है वह जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, बरसात में कई जगह से भवन में पानी भी टपकता है। एसीएमओ डॉ. रोहताश सिंह ने बताया कि पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। बरसात में फाइलें तक पानी में भीग जाती है। इसलिए जल्द नए भवन का ग्राउंड फ्लोर में सामान शिफ्ट किया जाएगा। भवन को अभी पूरा होने तक हैंड ओवर नहीं किया जाएगा।
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शासन स्तर से वर्ष 2013-14 में सीएमओ कार्यालय का नया भवन बनने की स्वीकृति दी गई थी। इसको बनाने के जिम्मा कार्यदायी संस्था पैक्सफैड को दिया था। वर्ष 2014-15 में संस्था ने इसको बनना शुरू कर दिया था। संस्था को दो साल के भीतर मार्च 2017 में भवन तैयार कराके स्वास्थ्य विभाग को सौंपना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संस्था ने नए भवन का ग्राउंड फ्लोर तो तैयार कर दिया है, लेकिन प्रथम तल पर अभी काम नहीं हुआ। फिलहाल काम रुका हुआ है और संस्था ने शासन से इसका काम पूरा करने के लिए करीब 26 लाख रुपये की डिमांड भेजी है। इसके लिए शासन पहले ही एक करोड़ 82 लाख रुपए दे चुका है। सीएमओ कार्यालय अभी पुराने भवन में है वह जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, बरसात में कई जगह से भवन में पानी भी टपकता है। एसीएमओ डॉ. रोहताश सिंह ने बताया कि पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। बरसात में फाइलें तक पानी में भीग जाती है। इसलिए जल्द नए भवन का ग्राउंड फ्लोर में सामान शिफ्ट किया जाएगा। भवन को अभी पूरा होने तक हैंड ओवर नहीं किया जाएगा।
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