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उड़ीसा में जाकर गन्ना उत्पदान बढ़ाने के टिप्स देंगे जिले के किसान
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:27 AM IST
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उड़ीसा जाकर गन्ना उत्पादन बढ़ाने के टिप्स देंगे जिले के किसान
बिजनौर ।
जिले के गन्ना अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों को उड़ीसा राज्य में गन्ने की पैदावार बढ़ाने के टिप्स देने का न्यौता मिला है। उड़ीसा राज्य के गन्ना विभाग और शुगर मिल अधिकारियों ने जिले के एक दर्जन गांवों में खेतों पर जाकर गन्ने का उत्पादन देखा।
उड़ीसा राज्य के गन्ना अधिकारियों की टीम सोमवार को बिजनौर पहुंची। टीम प्रभारी यनकरन राजा के अनुसार उड़ीसा राज्य में गन्ने की पैदावार नहीं के बराबर है। राज्य में कुल आठ शुगर मिल हैं। जबकि अकेले बिजनौर जिले में नौ शुगर मिल संचालित है। उड़ीसा में गन्ने की रिकवरी मात्र आठ से नौ प्रतिशत है। किसान वहां अभी भी रिजेक्टिड प्रजाति का गन्ना बो रहे है और गन्ने की पैदावार 450 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। टीम ने शेरपुर, कुरी फार्म, पटी, आरएसएम फार्म, अफजलगढ़, आलमपुर गावड़ी, जोगीपुरा, महाबतपुर, कल्लूवाला गांवों में जाकर किसानों के गन्ने को देखा। सितंबर माह में बोए गए गन्ने की लंबाई, मोटाई और एक मेढ़ में गन्नों की संख्या देखकर अधिकारी हतप्रभ थे। किसानों ने बताया कि उन्होंने अर्ली वैरायटी की प्रजाति 238 की बुआई ट्रेंच विधि से की है जिससे पैदावार बढ़ी है। अधिकारियों ने डीसीओ ओपी सिंह के साथ बैठक करके गन्ना पैदावार बढ़ाने के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। उड़ीसा के अधिकारियों ने डीसीओ से कहा कि जिले के गन्ना विशेषज्ञों और गन्ने का अच्छा उत्पादन करने वाले किसानों को उनके राज्य में भेजकर वहां के किसानों को टिप्स दिए जाए।
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बिजनौर ।
जिले के गन्ना अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों को उड़ीसा राज्य में गन्ने की पैदावार बढ़ाने के टिप्स देने का न्यौता मिला है। उड़ीसा राज्य के गन्ना विभाग और शुगर मिल अधिकारियों ने जिले के एक दर्जन गांवों में खेतों पर जाकर गन्ने का उत्पादन देखा।
उड़ीसा राज्य के गन्ना अधिकारियों की टीम सोमवार को बिजनौर पहुंची। टीम प्रभारी यनकरन राजा के अनुसार उड़ीसा राज्य में गन्ने की पैदावार नहीं के बराबर है। राज्य में कुल आठ शुगर मिल हैं। जबकि अकेले बिजनौर जिले में नौ शुगर मिल संचालित है। उड़ीसा में गन्ने की रिकवरी मात्र आठ से नौ प्रतिशत है। किसान वहां अभी भी रिजेक्टिड प्रजाति का गन्ना बो रहे है और गन्ने की पैदावार 450 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। टीम ने शेरपुर, कुरी फार्म, पटी, आरएसएम फार्म, अफजलगढ़, आलमपुर गावड़ी, जोगीपुरा, महाबतपुर, कल्लूवाला गांवों में जाकर किसानों के गन्ने को देखा। सितंबर माह में बोए गए गन्ने की लंबाई, मोटाई और एक मेढ़ में गन्नों की संख्या देखकर अधिकारी हतप्रभ थे। किसानों ने बताया कि उन्होंने अर्ली वैरायटी की प्रजाति 238 की बुआई ट्रेंच विधि से की है जिससे पैदावार बढ़ी है। अधिकारियों ने डीसीओ ओपी सिंह के साथ बैठक करके गन्ना पैदावार बढ़ाने के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। उड़ीसा के अधिकारियों ने डीसीओ से कहा कि जिले के गन्ना विशेषज्ञों और गन्ने का अच्छा उत्पादन करने वाले किसानों को उनके राज्य में भेजकर वहां के किसानों को टिप्स दिए जाए।
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