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सुरभि सिंह का डेयरी कारोबार बना मिसाल
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सुरभि सिंह का डेयरी कारोबार बना मिसाल
नजीबाबाद। मेहनत, लगन और श्रम को अगर गले लगाया जाए तो मंजिल मिल जाती है। नजीबाबाद की सुरभि सिंह ने डेयरी व्यवसाय से जुड़कर इस बात को साबित किया है। सुरभि की डेयरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी है।
डेयरी व्यवसाय परिवार की आजीविका का मुख्य साधन बन सकता है। यह दावा आदर्शनगर निवासी सुरभि सिंह का है। महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की मिसाल बनीं सुरभि को डेयरी कारोबार के लिए सम्मानित किया जा चुका है। 50 से 100 पशुओं की मुख्यसेविका सुरभि सिंह के काम में उनके पति विजय प्रताप एड., बेटा अस्मित सहरावत और एक सहयोगी कर्मचारी मदद करते हैं। सुरभि ने स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद मासकॉम किया। लेकिन उन्होंने स्वावलंबन की दृष्टि से डेयरी व्यवसाय चुना।
पशुओं को चारा देने, दूध निकालने, पशुशाला की सफाई करने जैसे सभी काम सुरभि स्वयं करतीं हैं। डेयरी कारोबार के लिए सुरभि सिंह को किसान सम्मान दिवस पर कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से दो हजार रुपये की नकद धनराशि, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सुरभि ने डेयरी कारोबार के साथ अब दूध, मावा, पनीर का उत्पादन भी शुरू किया है। सुरभि का दावा है कि महिला हर उस काम को कर सकती है जो पुरुष करते हैं। शर्त यही है कि धैर्य, लगन, श्रम और आत्मविश्वास का उसके अंदर समावेश हो।
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नजीबाबाद। मेहनत, लगन और श्रम को अगर गले लगाया जाए तो मंजिल मिल जाती है। नजीबाबाद की सुरभि सिंह ने डेयरी व्यवसाय से जुड़कर इस बात को साबित किया है। सुरभि की डेयरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी है।
डेयरी व्यवसाय परिवार की आजीविका का मुख्य साधन बन सकता है। यह दावा आदर्शनगर निवासी सुरभि सिंह का है। महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की मिसाल बनीं सुरभि को डेयरी कारोबार के लिए सम्मानित किया जा चुका है। 50 से 100 पशुओं की मुख्यसेविका सुरभि सिंह के काम में उनके पति विजय प्रताप एड., बेटा अस्मित सहरावत और एक सहयोगी कर्मचारी मदद करते हैं। सुरभि ने स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद मासकॉम किया। लेकिन उन्होंने स्वावलंबन की दृष्टि से डेयरी व्यवसाय चुना।
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पशुओं को चारा देने, दूध निकालने, पशुशाला की सफाई करने जैसे सभी काम सुरभि स्वयं करतीं हैं। डेयरी कारोबार के लिए सुरभि सिंह को किसान सम्मान दिवस पर कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से दो हजार रुपये की नकद धनराशि, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सुरभि ने डेयरी कारोबार के साथ अब दूध, मावा, पनीर का उत्पादन भी शुरू किया है। सुरभि का दावा है कि महिला हर उस काम को कर सकती है जो पुरुष करते हैं। शर्त यही है कि धैर्य, लगन, श्रम और आत्मविश्वास का उसके अंदर समावेश हो।
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