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गांवों के युवाओं को जोड़ा जाएगा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से

Mon, 17 Dec 2018 12:21 AM IST
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:21 AM IST
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गांवों के युवाओं को जोड़ा जाएगा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से
गांवों के युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ा जाएगा
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बिजनौर। गांवों के युवाओं को अब खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ा जाएगा। युवाओं को पाक कला में माहिर किया जाएगा। इसके बाद युवाओं को उद्योग लगाने के लिए ऋण व अनुदान दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए महात्मा गांधी खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना शुरू की है।
एक अनुमान में देश में हर साल हजारों करोड़ रुपये का अनाज व फल-सब्जी प्रसंस्करण व उचित रख रखाव न होने के अभाव में बर्बाद चला जाता है। यह एक गंभीर समस्या बना हुआ है। इस अनाज व फल सब्जियों का प्रसंस्करण कर पीसकर, अचार व चटनी बनाकर आम जनता तक सुलभता से पहुंचाया जा सकता है। इससे न तो अनाज खराब होगा और जनता तक खाद्य पदार्थ आसानी से पहुंचेंगे और रोजगार भी बढ़ेगा। खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े काम का प्रशिक्षण देने के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की आठ न्याय पंचायतों का चयन इसमें किया गया है। इन न्याय पंचायतों में शामिल ग्राम पंचायतों के युवाओं को गांवों में कैंप लगाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर 30 युवाओं को राजकीय फल संरक्षण केंद्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये युवा न्याय पंचायत के युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योग लगाने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर एक लाख रुपये तक का अनुदान मशीन खरीदने पर मिलेगा।
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खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में चक्की, बेकरी, कुकरी, तेल निकालने की फर्म, अचार, चटनी, मुरब्बा आदि बनाने की फर्म खोली जा सकती हैं। बड़े प्रोजेक्ट पर दो करोड़ तक का ऋण मिलता है। आजकल शहरों के साथ देहात में लगने वाले फास्ट फूड के ठेलों से भी अच्छी कमाई हो रही है।
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जिले में आठ ग्राम पंचायतों फरीदपुर भोगी, पैजनियां, रावटी, शाहकमपुर गिलाठी, कोतवाली, गाजीपुर, नवादा व छितावर का चयन इस योजना में हुआ है। इन न्याय पंचायतों की ग्राम पंचायतों में शामिल युवा भी प्रशिक्षण में हिस्सा लेंगे।
होता है मुनाफा
आसपास के जिलों में कुछ फर्म आम का अचार डालने का काम करती हैं। सुनने में लगता है कि आम का अचार डालने का काम कुछ दिन ही चलता होगा, लेकिन यह काम साल भर चलता है। कच्चे आम को काफी संख्या में खरीदकर उसे नमक के पानी में सुरक्षित रख लिया जाता है। जरूरत के हिसाब सुरक्षित रखे गए आम से अचार बनाया जाता है। इससे मोटा मुनाफा होता है।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी जोगेंद्र सिंह के मुताबिक जनवरी में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलने से युवाओं को लाभ मिलेगा।
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