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जैन मंदिर परिसर में दशलक्षण पर्व पर प्रवचन जारी
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:32 AM IST
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नजीबाबाद । दशलक्षण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम के रूप में मनाया गया। विद्वानों ने जैन धर्म के उत्तम संयम पर चर्चा की।
श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में जैन विद्वान कमल जैन शास्त्री ने कहा कि संयमन को संयम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि संयम का आशय है उपभोग को पर पदार्थ से समेटकर आत्म सम्मुख करना, अपने में सीमित करना, पांच व्रतों को धारण करना और पांचों इंद्रियों के विषय को जीतना ही उत्तम संयम है। जैन समाज ने धूप दशमी के अवसर पर पूजा-अर्चना की और भगवान महावीर स्वामी के बताए अहिंसा परमोधर्म सिद्धांत का अनुसरण करना है। धार्मिक आयोजन में प्रधान दीपक जैन, पारसनाथ जैन, प्रेमचंद जैन, जितेंद्र जैन, नीरज जैन, अजय जैन, विनोद जैन, पुनीत जैन, वासु जैन, अनूप जैन, मंजू जैन, रश्मि जैन, वंदना जैन, रिंकू जैन, सुषमा जैन, अलका जैन, स्वाति जैन, आशा जैन सहित जैन समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में जैन विद्वान कमल जैन शास्त्री ने कहा कि संयमन को संयम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि संयम का आशय है उपभोग को पर पदार्थ से समेटकर आत्म सम्मुख करना, अपने में सीमित करना, पांच व्रतों को धारण करना और पांचों इंद्रियों के विषय को जीतना ही उत्तम संयम है। जैन समाज ने धूप दशमी के अवसर पर पूजा-अर्चना की और भगवान महावीर स्वामी के बताए अहिंसा परमोधर्म सिद्धांत का अनुसरण करना है। धार्मिक आयोजन में प्रधान दीपक जैन, पारसनाथ जैन, प्रेमचंद जैन, जितेंद्र जैन, नीरज जैन, अजय जैन, विनोद जैन, पुनीत जैन, वासु जैन, अनूप जैन, मंजू जैन, रश्मि जैन, वंदना जैन, रिंकू जैन, सुषमा जैन, अलका जैन, स्वाति जैन, आशा जैन सहित जैन समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।