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बाघ व बाघिन की लड़ाई में बाघिन की मौत
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:56 AM IST
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बाघ से लड़ाई में बाघिन की मौत
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के कालागढ़ उप वन प्रभाग की ढेला रेंज में बाघ, बाघिन की लड़ाई में बाघिन की मौत हो गई। पीएम के बाद बाघिन का शव जला दिया गया। बाघ की तलाश की जा रही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के कालागढ़ उप वन प्रभाग की ढेला रेंज मे बाघ, बाघिन के बीच गुर्जरों के डेरों के निकट किसी बात को लेकर लड़ाई छिड़ गई। जिसमें बाघिन की मौत हो गई। बाघिन के शव की सूचना गश्ती दलों और गुर्जरों से वन विभाग को मिलते ही वन अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी, डीएफओ नेहा वर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरके तिवारी ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना करके यह बात साफ हो गई है कि बाघ ने बाघिन की गर्दन पर हमला कर दिया। जिससें उसकी श्वांसनली कट गई। साथ ही उसके फेफड़े भी चोटिल हो गए।
बाघिन के शव का पीएम कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशुचिकित्साधिकारी दुष्यंत कुमार व रामनगर के योगेश कुमार ने किया। बाघिन का शव सावल्दे ब्लाक के कक्ष संख्या 58 में मिला। पीएम के बाद बाघिन का शव जला दिया गया। इस घटना से सबसे अधिक खतरा पास के गांव हाथीडंगर को है। यदि लड़ाई मे बाघ घायल है तो वह कहीं भी हमला कर सकता है। उसकी तलाश के लिए दो टीमें बनाई गई है। एक टीम हाथियों से व दूसरी टीम पैदल गश्त कर रही है। यह घटना बाघों की समृद्धि व वन्यजीवन की एक रोमांचकारी घटना है।
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कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के कालागढ़ उप वन प्रभाग की ढेला रेंज में बाघ, बाघिन की लड़ाई में बाघिन की मौत हो गई। पीएम के बाद बाघिन का शव जला दिया गया। बाघ की तलाश की जा रही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के कालागढ़ उप वन प्रभाग की ढेला रेंज मे बाघ, बाघिन के बीच गुर्जरों के डेरों के निकट किसी बात को लेकर लड़ाई छिड़ गई। जिसमें बाघिन की मौत हो गई। बाघिन के शव की सूचना गश्ती दलों और गुर्जरों से वन विभाग को मिलते ही वन अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी, डीएफओ नेहा वर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरके तिवारी ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना करके यह बात साफ हो गई है कि बाघ ने बाघिन की गर्दन पर हमला कर दिया। जिससें उसकी श्वांसनली कट गई। साथ ही उसके फेफड़े भी चोटिल हो गए।
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बाघिन के शव का पीएम कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशुचिकित्साधिकारी दुष्यंत कुमार व रामनगर के योगेश कुमार ने किया। बाघिन का शव सावल्दे ब्लाक के कक्ष संख्या 58 में मिला। पीएम के बाद बाघिन का शव जला दिया गया। इस घटना से सबसे अधिक खतरा पास के गांव हाथीडंगर को है। यदि लड़ाई मे बाघ घायल है तो वह कहीं भी हमला कर सकता है। उसकी तलाश के लिए दो टीमें बनाई गई है। एक टीम हाथियों से व दूसरी टीम पैदल गश्त कर रही है। यह घटना बाघों की समृद्धि व वन्यजीवन की एक रोमांचकारी घटना है।
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