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जिले में एक ओर मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:44 AM IST
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बिजनौर। जिले में एक और स्वाइन फ्लू का मरीज मिला है। पीड़िता मेडिकल की छात्रा है और नूरपुर के मोहल्ला शहीद नगर की रहने वाली है। स्वास्थ्य विभाग उसके परिजनों पर नजर रखे हुए है।
नूरपुर के मोहल्ला शहीद नगर निवासी खुर्शीद आलम की पुत्री सुहालिया (24) स्वाइन फ्लू से पीड़ित है और उसका उपचार चल रहा है। वह लखनऊ के बलराम हास्पिटल में इंटर्नशिप कर रही है। 13 अगस्त को उसको बुखार, खांसी और जुकाम हुआ था। जब उसकी जांच हुई तो कैटेगिरी सी पॉजिटिव पाई गई। चिकित्सकों ने उसको उपचार के साथ-साथ आराम करने की सलाह दी। इसके बाद वह अपने घर नूरपुर आ गई। 19 अगस्त को लखनऊ से सुहालिया को स्वाइन फ्लू होने की सूचना सीएमओ कार्यालय आई। 21 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की रेपिड रेसपोंस टीम ने मोहल्ले में पहुंचकर परिवार के अन्य लोगों की जांच की, लेकिन किसी में भी स्वाइन फ्लू की लक्षण नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सुहालिया पूरी तरह सही है। बता दें कि इससे पूर्व मरीज कोतवाली देहात के गांव राजोपुर सादात निवासी अनीता देवी (49) पत्नी जितेंद्र सिंह को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। वर्तमान में उसका उपचार फिलहाल मेडिकल कॉलेज मेरठ चल रहा है।
जिले में नहीं होती स्वाइन फ्लू की जांच
मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने के बाद सबसे पहले उसकी जांच की जाती है। मगर, जिले में स्वाइन फ्लू की जांच ही संभव नहीं है। यहां जांच के लिए कोई मशीन उपलब्ध नहीं है। सिर्फ मरीज के स्वाव का नमूना लेकर ही मेरठ मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। वहीं से जांच होकर आने करीब एक सप्ताह लग जाता है। तब तक अनुमान पर ही मरीज का इलाज किया जाता है।
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नूरपुर के मोहल्ला शहीद नगर निवासी खुर्शीद आलम की पुत्री सुहालिया (24) स्वाइन फ्लू से पीड़ित है और उसका उपचार चल रहा है। वह लखनऊ के बलराम हास्पिटल में इंटर्नशिप कर रही है। 13 अगस्त को उसको बुखार, खांसी और जुकाम हुआ था। जब उसकी जांच हुई तो कैटेगिरी सी पॉजिटिव पाई गई। चिकित्सकों ने उसको उपचार के साथ-साथ आराम करने की सलाह दी। इसके बाद वह अपने घर नूरपुर आ गई। 19 अगस्त को लखनऊ से सुहालिया को स्वाइन फ्लू होने की सूचना सीएमओ कार्यालय आई। 21 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की रेपिड रेसपोंस टीम ने मोहल्ले में पहुंचकर परिवार के अन्य लोगों की जांच की, लेकिन किसी में भी स्वाइन फ्लू की लक्षण नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सुहालिया पूरी तरह सही है। बता दें कि इससे पूर्व मरीज कोतवाली देहात के गांव राजोपुर सादात निवासी अनीता देवी (49) पत्नी जितेंद्र सिंह को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। वर्तमान में उसका उपचार फिलहाल मेडिकल कॉलेज मेरठ चल रहा है।
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जिले में नहीं होती स्वाइन फ्लू की जांच
मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने के बाद सबसे पहले उसकी जांच की जाती है। मगर, जिले में स्वाइन फ्लू की जांच ही संभव नहीं है। यहां जांच के लिए कोई मशीन उपलब्ध नहीं है। सिर्फ मरीज के स्वाव का नमूना लेकर ही मेरठ मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। वहीं से जांच होकर आने करीब एक सप्ताह लग जाता है। तब तक अनुमान पर ही मरीज का इलाज किया जाता है।
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