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राष्ट्रीय लोक अदालत में 4
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:11 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 4,811 वादों का निस्तारण
बिजनौर । जिला विधिक एवं सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 4811 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में एक लाख 81 हजार 220 रुपये का अर्थदंड वसूला गया । एक करोड़ एक लाख 36 हजार 476 रुपये का प्रतिकर दिलाया गया।
जिला जज सुभाष चंद के निर्देशन में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत ने जिला जज सुभाषचंद ने मोटर दुर्घटना के 13 मामलों में 43 लाख 55 हजार, एडीजे संदीप जैन ने एक वाद में तीन लाख 70 हजार, एडीजे ओपी वर्मा ने तीन वादों में पांच लाख 25 हजार, नोडल अधिकारी एडीजे मुमताज अली ने एक वाद में चार लाख 40 हजार, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट पल्लवी अग्रवाल ने दो वादों में चार लाख 75 हजार, एडीजे नगीना ने एक वाद में ढाई लाख का प्रतिकर दिलाया। सिविल जज अर्पणा पांडेय ने 33 लाख 91 हजार 476 रुपये के सक्सेशन सर्टिफिकेट जारी किए। स्पेशल जज वेदपाल सिंह ने बिजली चोरी के 312 वादों का निपटारा करते हुए पांच लाख 30 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला। एडीजे सुमित चंद ने दीवानी के 12 वाद और एडीजे रामकरन ने दीवानी के पांच, लघुवाद न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ ने दीवानी के आठ वादों का निपटारा किया। सीजेएम प्रमोद गंगवार ने 360, एसीजेएम वीके वासवानी ने 274, एसीजेएम उदयवीर सिंह ने 236, एसीजेएम ओमप्रकाश ने 25, एसीजेएम नगीना ने 156, एसीजेएम नगीना अरुण कुमार, एडिशनल सिविल जज नगीना भगत सिंह ने 132, सिविल जज नूतन नजीबाबाद ने 451 वादों का निस्तारण कर अर्थदंड वसूला।
बिजनौर जिलाधिकारी जगतराज की ओर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर प्रस्तुत 3079 वादों के सापेक्ष 2866 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्व जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के 10, भू राजस्व अधिनियम के 227, राजस्व संहिता के 170, स्टाम्प अधिनियम के 10, फौजदारी अधिनियम के 463, प्री लिटिगेशन के 1986 वादों का निस्तारण प्रशासनिक न्यायालयों के माध्यम से सुलह समझौते के आधार पर किया गया है। दस स्टांप वादों में कुल 2,62,490 रुपये धनराशि अधिरोपित की गई है। सुनवाई के समय वादकारियों के साथ-साथ डीजीसी राजस्व मो. हसनैन जैदी और अधिवक्तगण उपस्थित रहे।
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टूटने से बचाया परिवार, फिर मिले पति-पत्नी
लोक अदालत तलाक का मुकदमा लड़ रहे पति पत्नी के लिए वरदान साबित हुई। लोक अदालत ने उनका पुनर्मिलन कराया है। दोनों ने साथ रहना मंजूर किया और खुशी-खुशी घर चले गए। तहसील धामपुर के ग्राम रामठेरा निवासी भूपेंद्र नाथ मेहरा का विवाह ग्राम लक्खूवाला निवासी निर्देश के साथ 17 फरवरी 2014 को हुआ था। विवाद होने पर भूपेंद्र नाथ ने अपनी पत्नी से तलाक लेने के लिए परिवार न्यायालय में वाद दायर किया था। एडीजे डॉ. पल्लवी अग्रवाल के प्रयासों से दोनों पति-पत्नी ने फिर से साथ रहना स्वीकार किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी मुमताज अली व प्राधिकरण के सचिव वी के वासवानी की मौजूदगी मेें पति पत्नी ने एक दूसरे को माला पहना कर साथ रहने का फैसला लिया है।
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बिजनौर । जिला विधिक एवं सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 4811 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में एक लाख 81 हजार 220 रुपये का अर्थदंड वसूला गया । एक करोड़ एक लाख 36 हजार 476 रुपये का प्रतिकर दिलाया गया।
जिला जज सुभाष चंद के निर्देशन में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत ने जिला जज सुभाषचंद ने मोटर दुर्घटना के 13 मामलों में 43 लाख 55 हजार, एडीजे संदीप जैन ने एक वाद में तीन लाख 70 हजार, एडीजे ओपी वर्मा ने तीन वादों में पांच लाख 25 हजार, नोडल अधिकारी एडीजे मुमताज अली ने एक वाद में चार लाख 40 हजार, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट पल्लवी अग्रवाल ने दो वादों में चार लाख 75 हजार, एडीजे नगीना ने एक वाद में ढाई लाख का प्रतिकर दिलाया। सिविल जज अर्पणा पांडेय ने 33 लाख 91 हजार 476 रुपये के सक्सेशन सर्टिफिकेट जारी किए। स्पेशल जज वेदपाल सिंह ने बिजली चोरी के 312 वादों का निपटारा करते हुए पांच लाख 30 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला। एडीजे सुमित चंद ने दीवानी के 12 वाद और एडीजे रामकरन ने दीवानी के पांच, लघुवाद न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ ने दीवानी के आठ वादों का निपटारा किया। सीजेएम प्रमोद गंगवार ने 360, एसीजेएम वीके वासवानी ने 274, एसीजेएम उदयवीर सिंह ने 236, एसीजेएम ओमप्रकाश ने 25, एसीजेएम नगीना ने 156, एसीजेएम नगीना अरुण कुमार, एडिशनल सिविल जज नगीना भगत सिंह ने 132, सिविल जज नूतन नजीबाबाद ने 451 वादों का निस्तारण कर अर्थदंड वसूला।
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बिजनौर जिलाधिकारी जगतराज की ओर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर प्रस्तुत 3079 वादों के सापेक्ष 2866 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्व जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के 10, भू राजस्व अधिनियम के 227, राजस्व संहिता के 170, स्टाम्प अधिनियम के 10, फौजदारी अधिनियम के 463, प्री लिटिगेशन के 1986 वादों का निस्तारण प्रशासनिक न्यायालयों के माध्यम से सुलह समझौते के आधार पर किया गया है। दस स्टांप वादों में कुल 2,62,490 रुपये धनराशि अधिरोपित की गई है। सुनवाई के समय वादकारियों के साथ-साथ डीजीसी राजस्व मो. हसनैन जैदी और अधिवक्तगण उपस्थित रहे।
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टूटने से बचाया परिवार, फिर मिले पति-पत्नी
लोक अदालत तलाक का मुकदमा लड़ रहे पति पत्नी के लिए वरदान साबित हुई। लोक अदालत ने उनका पुनर्मिलन कराया है। दोनों ने साथ रहना मंजूर किया और खुशी-खुशी घर चले गए। तहसील धामपुर के ग्राम रामठेरा निवासी भूपेंद्र नाथ मेहरा का विवाह ग्राम लक्खूवाला निवासी निर्देश के साथ 17 फरवरी 2014 को हुआ था। विवाद होने पर भूपेंद्र नाथ ने अपनी पत्नी से तलाक लेने के लिए परिवार न्यायालय में वाद दायर किया था। एडीजे डॉ. पल्लवी अग्रवाल के प्रयासों से दोनों पति-पत्नी ने फिर से साथ रहना स्वीकार किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी मुमताज अली व प्राधिकरण के सचिव वी के वासवानी की मौजूदगी मेें पति पत्नी ने एक दूसरे को माला पहना कर साथ रहने का फैसला लिया है।